आप मुझे अतिआशावादी कह सकते हैं। आप सोचेंगे कि जहाँ दर्द का सरमाया हो, ऐसे में कैसे कोई प्यार और भरोसे की बातें कर सकता है। आप कहेंगे कि शायद मैं भ्रम में जी रहा हूँ। लेकिन यकीन मानिए, नाउम्मीदगी के माहौल में भी, मेरे अंदर का इंसान ये मानने को तैयार नहीं है कि दिल्ली की दिलदारी हार गई है। अपनी आँखों के सामने मैंने एक दूसरे की जान बचाने के लिए, अपनी जान की बाज़ी लगाने वाले देखे हैं। नफ़रत की दीवारों को तोड़कर, मज़हबी दायरों से बाहर निकल कर, इंसानियत को बचाने वाले देखे हैं। रंग खेलना है? तो खेलिए, रंग दीजिये इस बार... पर ख़ुद से शुरू करना होगा, मन की कलुषता पर प्यार का रंग चढ़े पहले... और उसी स्नेह वाले रंग से हर मन को, दुनियाँ को रंग दीजिये। मोहब्बत का जो रंग, जिसे नफ़रत से उतारने की कोशिश की है कुछ लोगों ने, उसी रंग-ए-मोहब्बत को इस बार खूब गहरा कर दीजिए, इतना गहरा कि सारी उम्र लग जाए, पर हल्का ना पड़े. प्यार और भरोसे वाली शुभ होली! #HappyHoli #ShubhHoli #SpreadLove https://www.instagram.com/p/B9iouChJxRo/?igshid=1soc920kehs8a















