#अनसुना_पाँचवाँ_वेद
चाहे मोक्षदायिनी मानकर गंगा नदी का निर्मल पानी पीओ, चाहे उसमे नहाओ। भक्ति के शास्त्र प्रमाणित नाम (मंत्र) बिना मोक्ष संभव नहीं है और उनको उस साधना से राहत नहीं मिलेगी। बल्कि इन साधनाओं को करने वालों को काल के दूत बलपूर्वक घसीटकर ले जाते हैं, दंडित करते हैं।










