वो जिनको मरना आसान लगता है ! कायर या मूर्ख चाहे जो कह लीजिये मगर क़र्ज़ में डूबा हुआ आदमी चाहे वो किसान हो या CCD का फाउंडर और कुछ सोच ही नहीं पाता। मरना उसको जीने से ज्यादा आसान लगता ही है। एक ऐसे समाज में जहाँ एक आदमी को सहानुभूति या सहयता के नाम पर कुछ भी नहीं मिलता, मरना ज्यादा आसान हो जाता है। रोता हुआ आदमी भी कायर है और मरा हुआ भी तो मरना ज्यादा बढ़िया विकल्प है क्योंकि मरने से कम से कम आप दुनिया की नज़रों से बच जाते हो। आपको ऐसा नहीं लगना चाहिए कि मैं आत्महत्या को बढ़ावा दे रही हूँ बल्कि जो हुआ होगा उसका आकलन कर रही हूँ।
















