"आख़िरी बस नहीं आई..."
उस दिन शहर में इंटरव्यू था।काम थोड़ा लेट हुआ, तो सोचा कि आख़िरी बस पकड़ लूं।सर्दियों की शाम थी —ठंडी हवा चेहरे पर लग रही थी जैसे किसी ने हलके से थपकी मारी हो।बस स्टॉप शहर से बाहर था, थोड़ा सुनसान…आसपास कोई दुकान नहीं, सिर्फ एक लाइट और एक पुरानी सी लोहे की बेंच।मैं पहुंचा तो घड़ी ने बताया — 11:17 PMअंतिम बस अक्सर 11:30 पर आती है।थोड़ा थका था, तो बेंच पर बैठ गया।---
Read more










