बांसडीह आदर गांव के निवासी और सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी जीवित प्रसाद को एक गंभीर हमले के आरोप में दोषी ठहराया गया है। यह घटना करीब पांच साल पहल
बांसडीह आदर गांव के निवासी और सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी जीवित प्रसाद को एक गंभीर हमले के आरोप में दोषी ठहराया गया है। यह घटना करीब पांच साल पहले 28 अक्टूबर 2020 को हुई थी, जब एक छोटे से विवाद ने बड़ी हिंसा का रूप ले लिया।












