स्वयं को ढूंढ रहा खोया हुआ व्यक्ति हो, या सफर कर रहा यात्री, जीवन से निराश मनुष्य हो या फिर, फिर से बच्चों की प्यारी सी दुनिया में खो जाने और अपनें बचपने को फिर से जीने की ललक लिए मुझ जैसा रीडर एक किताब से अच्छा साथी हो सकता है क्या कोई....!! आ गए अभी अभी World Book Fair - प्रगति मैदान, बस हर स्टाल और खुद को एक्सप्लोरियाने के बाद मिलते हैं आपसे यही, तब तक के लिए आप सभी को यही दिल्ली से संध्यावंदन प्रणाम पहुंचे....!! #WorldBookFair2017 #किताबों_और_दिलों_का_अद्भुत_मेला....!! (at Pragati Maidan)


















