#ladkihuladshaktihu
*तोड़ के सारी ज़ंजीरों को*
*मोड़ के उठती शमशीरों को*
*अपने हक़ की ख़ातिर मैं*
*ज़िद पे भी अड़ सकती हूँ*
*लड़की हूँ लड़ सकती हूँ।*
*ज़िद को कैसे मारोगे तुम*
*अज़्म से मेरे हारोगे तुम*
*हिम्मत की सीढ़ी से ऊँचे,*
*अम्बर पे चढ़ सकती हूँ*
*लड़की हूँ लड़ सकती हूँ।*
*आवाज़ों को शोर ना समझो*
*मुझको यूँ कमजोर ना समझो*
*जहां पे तुम थक जाओगे*
*मैं आगे बढ़ सकती हूँ*
*लड़की हूँ लड़ सकती हूँ।*
*दफ़्न करो या जला दो मुझको*
*ख़ता किसी की सज़ा दो मुझको*
*फिर भी मैं ताबूत में तेरे*
*कील आख़िरी जड़ सकती हूँ*
*लड़की हूँ लड़ सकती हूँ।*
*सालिम हुसैन* जी लेखनी (at Lucknow, Uttar Pradesh)
https://www.instagram.com/p/CWS6YlIsVjJ/?utm_medium=tumblr