बिहार के फारबिसगंज का महावीरी झंडा शोभा यात्रा जुलूस साम्प्रदायिक सौहार्द का मिसाल... बिहार के फारबिसगंज में एक बार फिर साम्प्रदायिक सौहार्द और सद्भाव की मिसाल देखने को मिली। यहां रामायण परिषद की स्थापना को लेकर महावीरी झंडा शोभायात्रा जुलूस निकाला गया। इसमें न केवल हिन्दू समुदाय बल्कि काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी शिरकत की। इतना ही नहीं, जब जुलूस जामा मस्जिद के पास से होकर गुजरा तब जुलूस की अगुवाई करने वाले महंत को मस्जिद के मौलाना ने गले लगाया और माला पहनाकर स्वागत भी किया। ये महावीरी झंडा बिहार में सिर्फ 2 ही जगह मनाये जाते है एक बलिया में दूसरा फारबिसगंज में ओर फारबिसगंज में सन् 1904 से मनाया जा रहा है महावीरी झंडा अंग्रेजो ने भारत में शासन के लिए डिवाइड एंड रुल का फोर्मुला अपनाया था . आज देश की राजनीती में भी कुछ ऐसा ही चल रहा है . जब चुनाव नजदीक आता है तो जात और मजहब के नाम पर समाज में लकीरे खिंच दी जाती है . लेकिन अररिया का फारबिसगंज शहर ऐसे गुमराह हुए लोगो के लिए सदभावना की मिसाल बन चुका है . जिस देश में हिन्दू और मुस्लिम धर्म की आड़ में पोलिटिसियान राजनितिक रोटियाँ सकने के लिए दोनों समुदायों को बेवजह अलग थलग करने में जुटी रहती है . वही अररिया के फारबिसगंज शहर से निकलने वाला ऐतिहासिक महावीरी झंडा शोभा यात्रा कौमी एकता की मिसाल बन चुका है . अररिया के फारबिसगंज शहर से निकलने वाले इस शोभा यात्रा में महंथ और मौलाना न सिर्फ गले मिल भाईचारे को बढ़ावा दे रहे है बल्कि पवित्र ग्रन्थ गीता और कुरआन भी एक दुसरे को भेंट करते है . देश भर में कौमी एकता की मिसाल की कहानी. ये आस्था ही है की बाढ़ त्रासदी और तो रविवार के दोपहर तक झमाझम बारिश के बाद भी श्रद्धालुओं का पैर नहीं थमा और उत्साह के साथ शोभा यात्रा में निकल पड़े। फारबिसगंज में ऐतिहासिक महावीरी झंडा की शोभा यात्रा निकाली गयी जहां जय श्री राम व जय हनुमान के नारों से पूरा फारबिसगंज शहर गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण की छठी के उपलक्ष्य में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भादो मास के अंतिम रविवार को फारबिसगंज में भव्य महावीर झंडा शोभा यात्रा निकाली गई। महावीर झंडा शोभायात्रा धर्मशाला चौक स्थित सांवलिया कुंज ठाकुरबाड़ी परिसर से प्रारंभ हुई और एलएन पथ, बड़ा शिवालय,दरभंगिया टोला, काली मंदिर चौक, पटेल चौक, स्टेशन चौक, सदर रोड, पोस्ट आफिस चौक, छुआपट्टी होते हुए सांवलिया कुंज ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में वापस पहुंच कर संपन्न हो गई। शोभा यात्रा का नेतृत्व सांवलिया कुंज महावीर ठाकुरबाड़ी के पुजारी पंडित जय कृष्ण दुबे कर रहे थे। इससे पूर्व शोभा यात्रा के दरभंगिया टोला पहुंचने पर मरकत जामा मस्जिद के मो. मतिउररहमान के बीमार होने के कारण उनकी जगह हाजी असगर अली को पंडित जय कृष्ण दुबे जी को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। मौके पर पंडित जय कृष्ण दुबे जी ने भी समाजिक सदभाव एवं भाईचारा का प्रदर्शन करते हुए हाजी श्री अली को माला पहनाई एवं गले मिलकर आपसी सौहार्द का परिचय दिया और शोभा यात्रा को आगे बढ़ाया। शोभा यात्रा में रेलवे कॉलोनी स्थित महावीर मंदिर, वार्ड संख्या 08 फुलवरिया हाट, सुभाष चौक, बाजार समिति स्थित हनुमान मंदिर, चौहान टोला, पंचमुखी हनुमान मंदिर, भागकोहलीया स्थित हनुमान मंदिर, चौरा परवाहा हॉट स्थित हनुमान मंदिर सहित शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के अखाड़े शामिल हुए। शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में शामिल हनुमान भक्त पारंपरिक हथियारों से लैश होकर अपने अपने अखाड़ों व जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे। इस दौरान श्रद्धालु लगातार अपनी कला का भी प्रर्दशन कर रहे थे। वहीं शोभायात्रा मार्ग पर जगह जगह श्रद्धालुओं द्वारा देवी देवताओं के विग्रह के समक्ष प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना की गई। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक थी। जो घंटों खड़ी रहकर शोभायात्रा के दर्शन हेतु इंतजार कर रही थी। इधर शोभा यात्रा में शामिल हुए श्राद्धलुओं के सेवा के लिये पेयजल, कच्चा चना एवं प्राथमिक चिकित्सा स्टॉल लगाए गए थे। शोभा यात्रा में शामिल श्रधालुओं के द्वारा किए जा रहे जय श्री राम के उद्घघोष से सारा शहर में भक्तिमय माहौल रहा और सारा शहर जय श्री राम के उद्घघोष से गूंजयमान होता रहा। #MahawiriJhandaForbesganj #Forbesganj #Bihar














