श्रीलिङ्गमहापुराण -[उत्तरभाग] -015
श्रीलिङ्गमहापुराण -[उत्तरभाग] -015 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ पन्द्रहवाँ अध्याय शिवमाहात्म्य का वर्णन श्रीलिङ्गमहापुराणे उत्तरभागे पञ्चदशोऽध्यायः शङ्करस्य त्रिगुणरूपवर्णनं सनत्कुमार बोले — हे महामते ! आप और भी शिवमाहात्म्य का वर्णन करें, हे प्राणियों के अधिनाथ ! हे महान् गुणों वाले! आप सर्वज्ञ हैं ॥ १ ॥ शैलादि बोले — हे मुने! अनेक श्रेष्ठ मुनियों ने अनेक प्रकार से अपने शब्दों में शिवमाहात्म्य का…
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