क्या गौतम बुद्ध को कोई ज्ञान ? 🤔
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क्या गौतम बुद्ध को कोई ज्ञान ? 🤔
Poll |संत गरीब दास जी को किस संत का शिष्य माना जाता है?
A) गुरु नानक देव B) कबीर साहिब C) तुलसीदास D) सूरदास
कृपया आप अपना उत्तर हमें कमेंट में बताएं!
For years, Shani Dev is worshipped out of fear and the dreadful consequences of not worshiping him, especially during 'saade sati'. Astonishingly, the worship of Shani Dev finds no mention in any of the foundational Hindu scriptures, nor acknowledged as a worship that provides any benefits. Jagatguru Tatvdarshi Sant Rampal Ji Maharaj analyses the origins of this worship and dispels age-old myths regarding Shani Dev, revealing the most potent form of worship that gives devotees all benefits they look for elsewhere. This article compels devotees to reassess the ways of worship they practice in comparison to the authentic way of worship advised in our sacred scriptures:
In this post, Devotees will be shocked to know that worshipping Shani dev neither can give any benefits nor salvation as per holy scriptures
Annapurna Muhim: Sant Rampal Ji Maharaj ने करोड़ों की मदद की, किसानों की फसल और जान बचाई
बाढ़ के समय जब किसानों के खेत पानी में डूब गए थे और फसलें पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर थीं, तब Sant Rampal Ji Maharaj के मार्गदर्शन में अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत बाढ़ पीड़ित किसानों की वास्तविक मदद की गई। इस दौरान किसानों के खेतों से पानी निकलवाया गया, जिससे उनकी फसल को बचाने में सहायता मिली और कई किसानों की जान सुरक्षित रही।
किसानों का कहना है कि उस कठिन समय में कोई अन्य सहायता समय पर उपलब्ध नहीं थी। ऐसे हालात में संत रामपाल जी महाराज और उनके अनुयायियों ने बिना किसी भेदभाव के सेवा की। यह सहायता केवल दिखावे तक सीमित नहीं थी, बल्कि ज़मीनी स्तर पर की गई राहत थी, जिससे किसानों को आर्थिक और मानसिक राहत मिली।
अन्नपूर्णा मुहिम केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक मानव कल्याण अभियान है। इसके अंतर्गत आपदा राहत, किसानों की सहायता, गरीबों के लिए भोजन, गौशालाओं का संचालन और स्कूलों की मरम्मत जैसे अनेक सामाजिक कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।
इस वीडियो में किसानों ने स्वयं बताया कि यह मदद किसी दबाव या प्रचार का परिणाम नहीं थी। किसानों की फसल और जीवन की रक्षा के लिए यह कार्य पूरी निष्ठा और सेवा भावना से किया गया। इसी सेवा से प्रभावित होकर किसानों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
यह पोस्ट उसी सच्चाई को सामने लाती है कि संकट के समय जो व्यक्ति साथ खड़ा हो, वही सच्चा हितैषी होता है। अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से किया गया यह कार्य समाज के लिए एक प्रेरणा है।
जब किसी ने मदद नहीं की, तब Sant Rampal Ji Maharaj बने किसानों का सहारा।
बाढ़ के समय जब किसानों के खेतों में पानी भर गया था और फसलें नष्ट होने की कगार पर थीं, तब Sant Rampal Ji Maharaj के मार्गदर्शन में किसानों के खेतों से पानी निकलवाने का कार्य किया गया। यह सहायता केवल शब्दों तक सीमित नहीं थी, बल्कि ज़मीनी स्तर पर की गई वास्तविक सेवा थी।
किसानों का कहना है कि उस समय न तो किसी संस्था ने आगे आकर मदद की और न ही कोई ठोस सहारा मिला। ऐसे कठिन समय में संत रामपाल जी महाराज और उनके अनुयायियों ने किसानों के साथ खड़े होकर राहत कार्य किया। इसी सेवा भावना से प्रभावित होकर किसानों ने स्वयं मिलकर सम्मान समारोह आयोजित किया।
इस आयोजन में लगभग 300 गांवों के किसानों ने भाग लिया और स्पष्ट रूप से कहा कि यह सम्मान किसी दबाव या प्रचार का परिणाम नहीं, बल्कि अनुभव और विश्वास का परिणाम है। किसानों ने यह भी बताया कि लाखों लोगों के भोजन, पीने और बैठने की व्यवस्था उन्होंने स्वयं की। संत जी से केवल नाममात्र सहयोग मांगा गया।
वीडियो में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे आरोपों का भी खंडन किया गया है। किसानों और सरपंचों ने कहा कि वे संत रामपाल जी महाराज को असली हकदार मानते हैं, क्योंकि संकट के समय उन्होंने वास्तविक मदद की।
इसके साथ-साथ किसानों ने बताया कि संत जी के निर्देशों से गौशालाओं का संचालन, स्कूलों की मरम्मत और अन्य सामाजिक कार्य भी लगातार किए जा रहे हैं। इस पूरे प्रयास का उद्देश्य केवल राहत कार्य नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सत्य और मानवता को स्थापित करना है।
किसानों का मानना है कि यही सच्ची भक्ति और सच्चा धर्म है। वीडियो देखें, सच्चाई समझें और अपनी राय साझा करें।
The Power of Spiritual Science over Cancer & AIDS
While modern medical science has achieved remarkable milestones, it still operates within certain limitations, often labeling terminal illnesses as 'incurable.' However, in the realm of Spiritual Science, nothing is impossible. Where human medicine reaches its limit, divine intervention begins. For the Almighty, no disease be it Cancer or AIDS is beyond healing, as spiritual power transcends physical constraints.
Sant Rampal Ji Maharaj provides a true way of worship, so take his refuge.
#किसान_मसीहा_संतरामपालजी
झज्जर के मातन गांव में महीनों से पानी भरा था। किसान रो रहे थे, फसलें गल चुकी थीं और भुखमरी की नौबत थी। संत रामपाल जी की 4 विशाल मोटरों और 14,500 फुट पाइपलाइन की मदद से आज वहां 100% गेहूं की सफल बिजाई हो चुकी है। 🌱
The Power of Spiritual Science over Cancer & AIDS
While modern medical science has achieved remarkable milestones, it still operates within certain limitations, often labeling terminal illnesses as 'incurable.' However, in the realm of Spiritual Science, nothing is impossible. Where human medicine reaches its limit, divine intervention begins. For the Almighty, no disease be it Cancer or AIDS is beyond healing, as spiritual power transcends physical constraints.
Sant Rampal Ji Maharaj provides a true way of worship, so take his refuge.
#सत_भक्ति_संदेश
यम के दूतों का भयंकर रूप होता है।
मृत्यु के समय यमदूत उसी धर्म व भक्तिहीन व्यक्ति को ही दिखाई देते हैं। उनको देखकर भय के मारे वह प्राणी शरीर में ही इधर- उधर छुपने की कोशिश करता है।
जानने के लिए अवश्य देखें साधना प्रतिदिन शाम7:30 बजे
#GodNightTuesday
जब किसी ने मदद नहीं की, तब Sant Rampal Ji Maharaj बने किसानों का सहारा।
बाढ़ के समय जब किसानों के खेतों में पानी भर गया था और फसलें नष्ट होने की कगार पर थीं, तब Sant Rampal Ji Maharaj के मार्गदर्शन में किसानों के खेतों से पानी निकलवाने का कार्य किया गया। यह सहायता केवल शब्दों तक सीमित नहीं थी, बल्कि ज़मीनी स्तर पर की गई वास्तविक सेवा थी।
किसानों का कहना है कि उस समय न तो किसी संस्था ने आगे आकर मदद की और न ही कोई ठोस सहारा मिला। ऐसे कठिन समय में संत रामपाल जी महाराज और उनके अनुयायियों ने किसानों के साथ खड़े होकर राहत कार्य किया। इसी सेवा भावना से प्रभावित होकर किसानों ने स्वयं मिलकर सम्मान समारोह आयोजित किया।
इस आयोजन में लगभग 300 गांवों के किसानों ने भाग लिया और स्पष्ट रूप से कहा कि यह सम्मान किसी दबाव या प्रचार का परिणाम नहीं, बल्कि अनुभव और विश्वास का परिणाम है। किसानों ने यह भी बताया कि लाखों लोगों के भोजन, पीने और बैठने की व्यवस्था उन्होंने स्वयं की। संत जी से केवल नाममात्र सहयोग मांगा गया।
वीडियो में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे आरोपों का भी खंडन किया गया है। किसानों और सरपंचों ने कहा कि वे संत रामपाल जी महाराज को असली हकदार मानते हैं, क्योंकि संकट के समय उन्होंने वास्तविक मदद की।
इसके साथ-साथ किसानों ने बताया कि संत जी के निर्देशों से गौशालाओं का संचालन, स्कूलों की मरम्मत और अन्य सामाजिक कार्य भी लगातार किए जा रहे हैं। इस पूरे प्रयास का उद्देश्य केवल राहत कार्य नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सत्य और मानवता को स्थापित करना है।
किसानों का मानना है कि यही सच्ची भक्ति और सच्चा धर्म है। वीडियो देखें, सच्चाई समझें और अपनी राय साझा करें।
Annapurna Muhim: Sant Rampal Ji Maharaj ने करोड़ों की मदद की, किसानों की फसल और जान बचाई
बाढ़ के समय जब किसानों के खेत पानी में डूब गए थे और फसलें पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर थीं, तब Sant Rampal Ji Maharaj के मार्गदर्शन में अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत बाढ़ पीड़ित किसानों की वास्तविक मदद की गई। इस दौरान किसानों के खेतों से पानी निकलवाया गया, जिससे उनकी फसल को बचाने में सहायता मिली और कई किसानों की जान सुरक्षित रही।
किसानों का कहना है कि उस कठिन समय में कोई अन्य सहायता समय पर उपलब्ध नहीं थी। ऐसे हालात में संत रामपाल जी महाराज और उनके अनुयायियों ने बिना किसी भेदभाव के सेवा की। यह सहायता केवल दिखावे तक सीमित नहीं थी, बल्कि ज़मीनी स्तर पर की गई राहत थी, जिससे किसानों को आर्थिक और मानसिक राहत मिली।
अन्नपूर्णा मुहिम केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक मानव कल्याण अभियान है। इसके अंतर्गत आपदा राहत, किसानों की सहायता, गरीबों के लिए भोजन, गौशालाओं का संचालन और स्कूलों की मरम्मत जैसे अनेक सामाजिक कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।
इस वीडियो में किसानों ने स्वयं बताया कि यह मदद किसी दबाव या प्रचार का परिणाम नहीं थी। किसानों की फसल और जीवन की रक्षा के लिए यह कार्य पूरी निष्ठा और सेवा भावना से किया गया। इसी सेवा से प्रभावित होकर किसानों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
यह पोस्ट उसी सच्चाई को सामने लाती है कि संकट के समय जो व्यक्ति साथ खड़ा हो, वही सच्चा हितैषी होता है। अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से किया गया यह कार्य समाज के लिए एक प्रेरणा है।
For years, Shani Dev is worshipped out of fear and the dreadful consequences of not worshiping him, especially during 'saade sati'. Astonishingly, the worship of Shani Dev finds no mention in any of the foundational Hindu scriptures, nor acknowledged as a worship that provides any benefits. Jagatguru Tatvdarshi Sant Rampal Ji Maharaj analyses the origins of this worship and dispels age-old myths regarding Shani Dev, revealing the most potent form of worship that gives devotees all benefits they look for elsewhere. This article compels devotees to reassess the ways of worship they practice in comparison to the authentic way of worship advised in our sacred scriptures:
In this post, Devotees will be shocked to know that worshipping Shani dev neither can give any benefits nor salvation as per holy scriptures
Poll |संत गरीब दास जी को किस संत का शिष्य माना जाता है?
A) गुरु नानक देव B) कबीर साहिब C) तुलसीदास D) सूरदास
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EP-1658 | शिवालिक कॉलोनी, अंबाला, हरियाणा | अनाथ बच्चों की जिंदगी बदली: ...
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Poll | ज्ञान गंगा पुस्तक के अनुसार सच्ची भक्ति का ज्ञान किससे प्राप्त होता है?
A) स्वयं पढ़ने से B) किसी भी साधु से C) मंदिर में पूजा से D) पूर्ण गुरु से
कृपया आप अपना उत्तर हमें कमेंट में बताएं!