एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए
एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए , जिसने हम पर बेशुमार उपकार किए, हमारी प्रार्थनाओं में माँ का जिक्र तो होता है, हम भूल गए उस मसीहे को,, जो हम सबको एक माला में पिरोता है, पिता एक माला के धागे जैसा है, वो मांझी है हमारी कश्ती का, वो सबको देखे एक नज़र, उसके रहते एक अलग ही आनंद है, हमारे जीवन में मस्ती का, एक उपवास पिता के लिए, एक प्रार्थना ( ek prarthana) पिता के लिए , जिसने हम पर बेशुमार…












