Afeem bachao abhiyan 2021
आज से कुछ सालों पहले ही मंदसौर जिले में लगभग हर किसान के पास अफीम की खेती करने के लिए पट्टे थे और कुछ किसान तो ऐसे थे जिनके पास अफीम के दो दो पट्टे थे। उस समय की तुलना में अब अफीम के आधे पट्टे भी नहीं बचे हैं। धीरे धीरे किसानों के हाथ से अफीम के पट्टे छूटते जा रहे हैं और प्रतिवर्ष जिले के हर गांव में से 10 या 15 पट्टे अवश्य कट रहे हैं। अब जिले में कुछ ही किसानों के पास अफीम के पट्ठे रह गए हैं। इसी को लेकर कुछ दिनों पहले सांसद सुधीर गुप्ता द्वारा अफीम के पट्टे बढ़ाने के लिए ज्ञापन भी सौंपा गया था और उसमें सांसद सुधीर गुप्ता ने कई मांगे रखी थी। इसके बाद अब समितियां भी जागरूक हो गई है।
अफीम खेती बचाने के लिए संघर्ष समिति की हुई बैठक













