तु राज़ी रह मेरे मालिक...
तु राज़ी रह मेरे मालिक…
कलाम. हज़रत ख़्वाजा ग़रीबनवाज़ؓ
तजुर्मा. दर्द काकोरवी
चु मन पुर जुर्मो इस्यानम तुई ग़फ़्फ़ार या अल्लाह।
चु मन बा ऐबो नुक़्सानम तुई सत्तार या अल्लाह।
सरापा जुर्मो इसयां मैं, तु है ग़फ़्फ़ार या अल्लाह।
सरासर ऐबो नुक्सां मैं, तु है सत्तार या अल्लाह।
बख़्वाबे मस्तियो ग़फ़लत ज़े सर ता पा गुनहगारम।
ब ज़िक्रो ताअते खुद कुन मरा बेदार या अल्लाह।
मैं सर ता पा गुनाहों में हूं मस्ती और ग़फ़लत में।
तु कर दे ज़िक्रो…
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