अब देश के 16 राज्यों को होगा फायदा नई दिल्लीः देश के 16 राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम,नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) पद्धति की शुरुआत हो गई है। इसके माध्यम से देश के किसी भी दो राज्यों की मंडियों के बीच व्यापार की जा सकेगी। सरकार द्वारा स्थापित इस मंच के माध्यम से पहला सौदा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की मंडियों के बीच हुआ। प्राप्त सूत्रों के अनुसार पहले ई-नाम के जरिये राज्य में स्थित दो समितियों के बीच कारोबार करने की स्वीकृति थी। इस व्यवस्था की देखरेख कृषि उत्पाद विपणन समिति के द्वारा की जाती थी। इसके तहत देश की 16 राज्यों एवं दो केंद्र शासित प्रदेशों की 585 अधिसूचित एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (एपीएमसी) की मंडियों को जोड़ा गया हैं। केन्द्र सरकार ने मार्च 2020 तक अतिरिक्त 415 मंडियों को भी ई-नाम से जोड़ने का खाका तैयार कर लिया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने संबंधित राज्यों और मंडी बोर्ड के अधिकारियों के बीच कई बैठकें होने के बाद दो राज्यों के बीच ई-नाम सौदे शुरू कराए जाने के पक्ष में फैसला लिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘नव वर्ष 2019 की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ई-नाम ने दो अलग राज्यों की मंडियों के बीच कारोबार की शुरुआत कर मील का एक और पत्थर पार कर लिया है।’’प्राप्त जानकारी के अनुसार सौदे का शुभारम्भ उत्तर प्रदेश के बरेली एपीएमसी के एक कारोबारी तथा उत्तराखंड के हल्दवानी एपीएमसी के एक किसान के बीच टमाटर के लिए हुआ। इसके बाद दोनों राज्यों की मंडियों के बीच आलू, बैंगन और गोभी के सौदे भी हुए और सभी सौदों में ई-नाम पोर्टल के जरिये ई-भुगतान किये गये।










