मरका पंडुम/मरका पुहाना/आमा जोगनी: मरका मतलब आम, पंडुम मतलब पर्व, यह गोड़ी भाषा से लिया गया है। चैतरई (चैत्र) में आम की नई फसल को देव विग्रहों को भेंट करना यह एक प्रकृतिक उत्सव है। बस्तर में भाजी पंडूम भी मनाया जाता है। मरका पंडुम (आम उत्सव) के वक्त स्थानीय गोंडी भाषा मे एक गीत गाया जाता है। "मरका पंडुम को को को, रेका पंडुम को को को, गोर्रा पंडुम को को को" इस गोंडी गीत का अर्थ होता है। आज से जब भी हम आम खाये पक्के वाला को ही तोड़कर खाएं कच्चे आम को खराब ना करें ताकि बारिश के आते ही नये आम का पौधा जग कर पेड़ बने और आने वाली नई पीढ़ी पेंड पौधों को संरक्षित कर प्रकृति की संतुलन को बनाये रखने में हम अपना योगदान दे। Among their festival ceremonies, Irpu Pandum of Mahuwa first fruit eating ceremony, Wete or ceremonial hunt, Kare Pandum or to start timber cutting for slash and burn cultivation, Kurum Pandum to start eating newly cultivated crop etc are important. Exploring with: @baghel_ji_001 जय जोहार अकती तिहार अऊ आमा जोगनी तिहार के गाड़ा गाड़ा बधाई... हमर बस्तर संस्कृति म आमा जोगनी तिहार के बिशेष महत्व है। ये तिहार मन हमर प्रकृति पूजा ला दिखाथे । बस्तर के वनोपज (चार चिरोंजी, मोहा, आमा आदि) ला सबसे पहले अपन कुल देवी देवता, पुरखा मन ला फरसा पान में हजारी फूल, बीज अनाज सुदा चखाथय। आज के दिन खेत माटी में बीज पुटकी निकालथय बीज पंडुम(तिहार) कथे। जमे खेती ब बने बने पानी गिरे तेकर बर अचरजी बीनती करथय। मोला गर्व हे मोर परम्परा अऊ संस्कृति म 🙏🏻😊 #baster #aadiwasi #culture #aamajogani #tihar #mati #tihar #nature #lover #naturegift #incredible #Bastariya #instamood #photography #instacool #desi #aamcho_baster #chhattisgarh #chhattisgarhiya #cfor36garh #markapandum #markapuhana #aamatihar #cultureofchhattisgarh #visitbastar #travel #tribal (at Bastar, Chhattīsgarh, India) https://www.instagram.com/p/CdiBKkcrcVi/?igshid=NGJjMDIxMWI=








