'हाल के वर्षों में पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में हुए जनसांख्यिकीय बदलाव के बाद यहां के पर्यटन कारोबार में भी समुदाय विशेष की तेजी से घुसपैठ हुई है। इसका असर
टूर एंड ट्रेवल्स के कारोबार में भी इन्होंने बड़ा नेटवर्क तैयार किया। हल्द्वानी से लेकर चीन सीमा से सटे पिथौरागढ़ तक इनके कार्यालय खुले हैं। लग्जरी गाडिय़ों की रेंज भी बेहतर है। इस कारण स्थानीय लोग टूर एंड ट्रेवल्स कारोबार से धीरे-धीरे करीब बाहर होते गए। आज स्थिति ये है कि नैनीताल जिले में अधिकतर टैक्सियां इन्हीं की चल रही हैं। रानीखेत, कौसानी का भी यही हाल है। डीआइजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे ने कहा कि शासन के निर्देश पर पूरे कुमाऊं में सत्यापन शुरू किया गया है। इसमें हम पयर्टन कारोबार के इस बदलाव को भी शामिल करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई भी सुनिश्चत करेंगे।”










