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About Yoga Socks – Husskinz
Yoga socks are specialized socks designed for practicing yoga. They are typically made of a combination of materials like cotton, nylon, or polyester, and they feature a non-slip sole that provides grip and traction on the yoga mat or floor. Read more bit.ly/3qJL27n
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : आखिर क्यों 21 जून को ही मनाया जाता है योग दिवस? भारत के नाम दर्ज है अनोखा रिकॉर्ड
चैतन्य भारत न्यूज हर वर्ष 21 जून को दुनियाभर में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' (International Yoga Day) मनाया जाता है। योग पांच हजार सालों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। इससे न केवल शरीर के रोग दूर हो जाते हैं बल्कि मन भी शांत रहता है। इस दिन लोगों को योग करने के प्रति जागरूक करते हैं और बताया जाता है कि योग शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कितना जरूरी है।
कैसे हुई योग दिवस की शुरुआत? अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत भारत की पहल के चलते हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव आने के बाद सिर्फ तीन महीने के अंदर इसके आयोजन का ऐलान कर दिया था। महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया था कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिसके बाद दुनिया भर के लोग हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं।
21 जून को मनाने की वजह 21 जून उत्तरी उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे कुछ लोग ग्रीष्म संक्रांति भी कहकर बुलाते हैं। भारतीय परंपरा के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। कहा जाता है कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी होता है इसी वजह से 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाते हैं।
भारत के नाम दर्ज रिकॉर्ड 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। पहले योग दिवस पर भारत ने दो शानदार रिकॉर्ड भी बनाए थे। इस दिन पीएम मोदी ने 35 हजार से ज्यादा लोगों के साथ राजपथ पर योग किया था। पहला रिकॉर्ड 35,985 लोगों के साथ योग करना और दूसरा रिकॉर्ड 84 देशों के लोगों द्वारा इस समारोह में हिस्सा लेना।
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : आखिर क्यों 21 जून को ही मनाया जाता है योग दिवस? भारत के नाम दर्ज है अनोखा रिकॉर्ड
चैतन्य भारत न्यूज हर वर्ष 21 जून को दुनियाभर में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' (International Yoga Day) मनाया जाता है। योग पांच हजार सालों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। इससे न केवल शरीर के रोग दूर हो जाते हैं बल्कि मन भी शांत रहता है। इस दिन लोगों को योग करने के प्रति जागरूक करते हैं और बताया जाता है कि योग शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कितना जरूरी है।
कैसे हुई योग दिवस की शुरुआत? अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत भारत की पहल के चलते हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव आने के बाद सिर्फ तीन महीने के अंदर इसके आयोजन का ऐलान कर दिया था। महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया था कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिसके बाद दुनिया भर के लोग हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं।
21 जून को मनाने की वजह 21 जून उत्तरी उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे कुछ लोग ग्रीष्म संक्रांति भी कहकर बुलाते हैं। भारतीय परंपरा के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। कहा जाता है कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी होता है इसी वजह से 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाते हैं।
भारत के नाम दर्ज रिकॉर्ड 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। पहले योग दिवस पर भारत ने दो शानदार रिकॉर्ड भी बनाए थे। इस दिन पीएम मोदी ने 35 हजार से ज्यादा लोगों के साथ राजपथ पर योग किया था। पहला रिकॉर्ड 35,985 लोगों के साथ योग करना और दूसरा रिकॉर्ड 84 देशों के लोगों द्वारा इस समारोह में हिस्सा लेना।
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जवानों ने 14000 फीट की ऊंचाई पर जीरो डिग्री तापमान में किया योग, देखें तस्वीरें
चैतन्य भारत न्यूज कोरोना संकट के बीच रविवार यानी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस दिन देशभर के लोगों ने सुबह योग कर स्वस्थ जीवन का प्रण लिया। इस खास दिवस पर उत्तराखंड के चमोली जिले से लगे चीन सीमा क्षेत्र में करीब 14000 फीट की ऊंचाई पर हिमवीरों ने योग किया। इस दौरान उनका जज्बा देखने लायक था।
बता दें औली स्थित भारतीय पर्वतारोहण एवं स्कीइंग संस्थान आईटीबीपी के जवानों ने औली के साथ ही ग्लेशियर प्वाइंट, सतोपंथ और वसुधारा में योग शिविर का आयोजन किया। महिला हिमवीर समेत 108 हिमवीर योगाभ्यास के लिए सुबह छह बजे पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया।
इन दिनों वसुधारा का तापमान माइनस जीरो डिग्री है। बावजूद इसके जवानों ने बर्फ में ही अलग-अलग प्रकार के योगासन किए। स्कीइंग संस्थान के प्रधानाचार्य गम्भीर सिंह चौहान के निर्देशन में प्रशिक्षण अधिकारी नरेंद्र रावत ने हिमवीरों को योग का अभ्यास कराया। उन्होंने ही सभी जवानों को योग करने के लिए प्रेरित किया।
नरेंद्र रावत का कहना है कि, 'योग हमारे शरीर को फुर्तीला बनाता है। साथ ही यह शरीर को स्वस्थ भी रखता है इसलिए हमें योग से जरूर जुड़ना चाहिए।' बता दें भारतीय पर्वतारोहण एवं स्कीइंग संस्थान हर वर्ष ही हिमवीरों के लिए योग कार्यक्रम का आयोजन करता है। सभी हिमवीर भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : आखिर क्यों 21 जून को ही मनाया जाता है योग दिवस? भारत के नाम दर्ज है अनोखा रिकॉर्ड
चैतन्य भारत न्यूज हर वर्ष 21 जून को दुनियाभर में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' (International Yoga Day) मनाया जाता है। योग पांच हजार सालों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। इससे न केवल शरीर के रोग दूर हो जाते हैं बल्कि मन भी शांत रहता है। इस दिन लोगों को योग करने के प्रति जागरूक करते हैं और बताया जाता है कि योग शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कितना जरूरी है।
कैसे हुई योग दिवस की शुरुआत? अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत भारत की पहल के चलते हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव आने के बाद सिर्फ तीन महीने के अंदर इसके आयोजन का ऐलान कर दिया था। महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया था कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिसके बाद दुनिया भर के लोग हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं।
21 जून को मनाने की वजह 21 जून उत्तरी उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे कुछ लोग ग्रीष्म संक्रांति भी कहकर बुलाते हैं। भारतीय परंपरा के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। कहा जाता है कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी होता है इसी वजह से 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाते हैं।
भारत के नाम दर्ज रिकॉर्ड 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। पहले योग दिवस पर भारत ने दो शानदार रिकॉर्ड भी बनाए थे। इस दिन पीएम मोदी ने 35 हजार से ज्यादा लोगों के साथ राजपथ पर योग किया था। पहला रिकॉर्ड 35,985 लोगों के साथ योग करना और दूसरा रिकॉर्ड 84 देशों के लोगों द्वारा इस समारोह में हिस्सा लेना।
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By Ishrattasleem Tasleem Nowadays, people are living a busy and hectic lifestyle; fatigue is a common complaint of modern life. The sense of a fragmented and displaced lifestyle is found among peop...
What it's all about.
I do yoga because it makes me feel good. There are so many levels to those feelingsfrom the ease of bending over to tie my shoes to the calm elation I feel afterpracticing.
I remember the first class I went to in Portland, Oregon in the late 90’s. The woman who led the class had such a cheerful, lighthearted approach. I left that class feeling like I was on a cloud, and I continued to float around on that cloud for the next few days. It was that simple Hatha class that opened the door to my love of yoga. As my approach and practice changes over the years I remind myself of why I love it. It feels good.
The other day I was in a class struggling with a balancing pose. My teacher said the most simple thing, “It’s just yoga” and it really connected with me. I strive to embody that light heartedness of my first teacher. Sometimes we need to fall over and laugh a bit to remember that, “it’s just yoga”.
There have been times where I just wanted to stretch and breathe, and other times where I really wanted to feel a workout. At this point I have combined the two for a well-balanced practice. My classes have a good amount of flow but, I also like to create heat and strength through the challenge of holding poses and finding our breathe there. To balance this challenge I like to use deeper stretching where we can connect with our breath more easefully.