कस्टम ड्यूटी बढ़ने से देसी उद्योगों के आएँगे अच्छे दिन, “मेक इन इंडिया” को मिलेगा बढ़ावा|
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी “मेक इन इंडिया” अभियान के लिए इस बजट में बहुत अच्छी खबर है| अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा की देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए वह कुछ वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी यानी की सीमा शुल्क बढ़ा रहे है| वित्त मंत्री ने कहा, “मैं मोबाइल पर कस्टम ड्यूटी को 15 से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का प्रस्ताव कर रहा हूँ| इसी तरह मोबाइल के कुछ पार्ट्स और एक्सेसरीज पर कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी और टीवी के पार्ट्स पर भी ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई है| इस प्रक्रिया से देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा|” देसी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाले प्रावधान परफ्यूम और टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाली बहुत सी वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 10 से 20 फीसदी कर दी गई है| फ़ूड प्रोसेसिंग उद्द्योग में क्रेनबेरी जूस के लिए कस्टम ड्यूटी को 5 गुना तक बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया है| ऑरेंज जूस पर कस्टम ड्यूटी 30 से बढ़ाकर 35 फीसदी और अन्य फलों-सब्जियों के जूस पर कस्टम ड्यूटी को 30 से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया है| मोबाइल फ़ोन के चार्जर व एडाप्टर पर 10 फीसदी की कस्टम ड्यूटी लगाई गई है, शुरुआत में वह शुन्य फीसदी थी| सिल्क फाइबर और फुटवियर पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है| सनग्लासेस, पतंग, लाइटर, कैंडल्स, सेंट व स्प्रे आदि पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी गई है| फर्नीचर, लैंप, लाइटिंग फिटिंग के आयात पर ड्यूटी बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी गई है| इसी प्रकार खिलौनों, ट्राइसाइकिल, घड़ियों, बच्चों के स्कूटर, पैडल कार, डॉल, पज़ल्स आदि पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी गई है| Read the full article














