अटल नगर इस तरह भारत की अन्य स्मार्ट सिटी के लिए बन गया मिसाल
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री व लोकप्रिय नेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में दुनिया की पहली इंटीग्रेटेड स्मार्ट सिटी नया रायपुर का नाम बदलकर ‘अटल नगर’ कर दिया गया है। अटल नगर ने भारत के अन्य स्मार्ट शहरों के लिए एक स्तर स्थापित कर दिया है। अटल नगर के समान या उससे आगे निकलने के लिए अब आने वाली स्मार्ट शहरों को केवल आईटी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि अधोसंरचना पर भी बहुत अधिक ध्यान देना होगा। स्मार्ट शहर के विकास में लगी एजेंसियों को अटल नगर के स्तर की ज़मीन का चुनाव करना होगा, प्लानिंग, विश्वस्तरीय अधोसंरचना, हरियाली, बेहतर तकनीकों और अपशिष्ट जल प्रबंधन पर ध्यान देना होगा। स्मार्ट शहर सुरक्षित शहर होते हैं। ये भविष्य के भारत की नींव रख रही हैं। अटल नगर ने अपने विकास में आई हर चुनौती का सामना किया और अपने आपको एक मिसाल के रूप में पेश किया है।
आइए जानें देश के इस अत्याधुनिक स्मार्ट शहर के बारे में। चार बातें जो बनाती हैं अटल नगर को सबसे अलग-
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट भारत सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। अटल नगर देश के अन्य स्मार्ट कहे जाने वाले शहरों से कई मायनों में अलग है।
कल्पना कीजिए एक ऐसे शहर की जिसका लगभग एक तिहाई हिस्सा हरियाली से परिपूर्ण हो। एक हरित देश की स्वच्छ देश बन सकता है। लोगों के पास योग-ध्यान करने, खुद को स्वस्थ रखने और खुले आकाश के नीचे रहने का साधन उपलब्ध हो। ऐसा शहर जो प्रदूषण से बहुत दूर हो और जहाँ के नागरिक खुली हवा का लुत्फ़ ले सकें।
विश्वस्तरीय संसाधन व सुविधाएँ:
आधुनिक काल में सतत शहरी परिवहन विश्वस्तरीय संसाधन के रूप में जाना जाता है। अटल नगर में ऐसी ही प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्षा जल संचयन प्रणाली, ग्रीन बिल्डिंग, और सौर ऊर्जा में निवेश आदि बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए की जाने वाली तकनीकी तैयारी है। अटल नगर विकास प्राधिकरण (एएनवीपी) ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर इस बारे में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की और उस पर काम किया है।
प्रत्येक स्मार्ट शहर और उसके नागरिकों को एक ऐसे सिस्टम की ज़रूरत होती है जो विभिन्न संसाधनों और सुविधाओं को एक साथ जोड़े रखे। इसी सोच को लेकर एक प्रणाली विकसित की गई जिसे ‘इंटीग्रेटेड सिस्टम’ कहा गया। इस प्रणाली के इस्तेमाल के लिए अटल नगर में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना की गई। इसके अलावा पूरे शहर में ऑप्टिकल फाइबर का जाल बिछाया गया है। डाटा को स्टोर किए जाने और आसानी से एक्सेस किए जाने के लिए प्रणाली विकसित की गई।
अटल नगर में इस्तेमाल की गई अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली देश के अन्य स्मार्ट शहरों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अटल नगर में अपशिष्ट जल की रिसाइकलिंग की जाती है और उस पानी का इस्तेमाल पेड़-पौधों की सिंचाई में किया जाता है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट और स्मार्ट मीटर आदि का इस्तेमाल किया जा रहा है। संक्षेप में कहा जाए तो अटल नगर सही मायनों में भारत का एक मॉडल शहर है। अटल नगर जल्द ही मध्यभारत में व्यापार और व्यवसाय का हब बन जाएगा।