लाहौर की फिजाओं में अब भी बसते हैं सरदार भगत सिंह वो दिन याद आयंगे भगत सिंह के
लाहौर की फिजाओं में अब भी बसते हैं सरदार भगत सिंह वो दिन याद आयंगे भगत सिंह के
लाहौर की फिजाओं में अब भी बसते हैं सरदार भगत सिंह व्यक्ति को मारा जा सकता है लेकिन उसके विचारों को नहीं। भगत सिंह द्वारा जेल से अपने भाई को लिखी आखिरी चिट्ठी की ये लाइनें आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरित करती हैं। साल 1907 में पाकिस्तान के पंजाब के लयालपुर जिले की तहसील जरनवाला के बंगा चक 105 जी में पैदा हुए भगत सिंह आज भी दोनो देशों के हीरो है। इस सूबे में आज भी बच्चे उनकी कहानियां सुनकर बड़े होते…
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