हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले में इन दिनों भारी बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। ऐसे कठिन हालातों में एक असहाय परिवार की कहानी सामने आई, जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देती है।
इस परिवार का पुराना घर पूरी तरह जर्जर अवस्था में था—टूटी छत, कमजोर दीवारें और कभी भी गिरने का खतरा। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड में उस घर में रहना जान जोखिम में डालने जैसा था। हालात इतने खराब थे कि अगर समय रहते कोई मदद न मिलती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
ऐसे समय में Sant Rampal Ji Maharaj की अन्नपूर्णा मुहिम इस परिवार के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। इस मुहिम के अंतर्गत परिवार के लिए एक नया, सुरक्षित और मजबूत मकान बनवाया गया। आज जब चारों ओर बर्फ जमी है, तब यह परिवार अपने नए घर में सुरक्षित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मदद केवल एक मकान नहीं, बल्कि उस परिवार के लिए नया जीवन है। यही वजह है कि लोग आज यह सवाल पूछ रहे हैं—अगर संत रामपाल जी महाराज इस परिवार का सहारा न बनते, तो भारी बर्फबारी के बीच इस परिवार का क्या होता?
यह कहानी बताती है कि सही समय पर की गई निःस्वार्थ सेवा कैसे किसी की ज़िंदगी बचा सकती है।










