नागालैंड: बीजेपी से अलग होने पर एनपीएफ ने दी कार्यकर्ताओं को बीफ पार्टी 1998 से चले आ रहे गठबंधन के टूटने की ख़ुशी मनाने के लिए नागालैंड पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने अपने कार्यकर्ताओं को गुरुवार को बीफ पार्टी दी. 10 साल से चला आ रहा है ये गठबंधन दरअसल बीफ पर रोक को लेकर टूटा है. हाल ही मोदी सरकार द्वारा कटाई से रोकने के लिए पशुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है. कोहिमा में शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय के सामने बीफ पार्टी का आयोजन गया. बीफ पार्टी आयोजित करने का मकसद भाजपा को बताना था कि बीफ खाना नागालैंड के लोग नहीं छोड़ सकते. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हुस्का येपाथोमी ने कहा, बीजेपी गौहत्या के खिलाफ होंगे लेकिन नागा सदियों से बीफ खाते आए हैं और यह हमारे जीवन का ही हिस्सा है और आगे भी रहेगा. बीफ पार्टी के लिए एक कार्यकर्त्ता ने 3 गाय दान की थी. जिसके बाद गायों को काटकर बीफ पार्टी आयोजित की गई. बीफ पार्टी के आयोजन के पीछे साफ़ तौर पर बीजेपी को उकसाना था. एनपीफ यूथ विंग के अध्यक्ष विहोशे सुमी ने कहा, 'बीफ पार्टी के आयोजन के लिए 3 गाय पार्टी के कार्यकर्ता ने दान में थी. उन्हीं गायों के जरिए इस पार्टी का आयोजन किया गया है.' वहीं, शुक्रवार को नागालैंड के मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने राज्य विधानसभा में पर्याप्त अंतर से विश्वासमत हासिल कर लिया. इसी महीने राज्यपाल पीबी आचार्य ने शुरहोजेली लीजीत्सु की सरकार को भंग कर दिया था. जिसके चलते एनपीएफ ने बीजेपी के साथ रिश्ता तोड़ था.