चैतन्य भारत न्यूज
वैशाख माह की पूर्णिमा को भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को बुद्ध जयंती के रूप में मनाया जाता है। आज यानी 26 मई को बुद्ध पूर्णिमा है। हिन्दू और बौद्ध दोनों ही धर्मों में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्त्व होता है। मान्यता है कि गौतम बुद्ध भगवान विष्णु के 9वें अवतार थे। यही कारण है कि हिन्दू धर्म के लोग भी इस त्यौहार को धूमधाम से मनाते हैं। बुद्ध पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्त्व होता है। बौद्ध धर्म के लोग इस दिन अपने घर की सजावट करते हैं और प्रार्थनाएं भी करते हैं। आज के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने का भी विशेष महत्व होता है। इससे मानसिक और शारीरिक दोनों ही समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
बुद्ध पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त
बुद्ध पूर्णिमा बुधवार, मई 26, 2021 को
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – मई 25, 2021 को 08:29 पी एम बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त – मई 26, 2021 को 04:43 पी एम बजे
बुद्ध पूर्णिमा पर करें ये काम-
ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र दिन किसी नदी में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
बौद्ध धर्म मानने वाले लोग इस दिन मठों में इकट्ठे होकर प्रार्थना करते हैं।
बौद्ध मठों को रंगीन झंडों से सजाया जाता है। इसके अलावा श्रद्धालु बुद्ध की शिक्षाओं का जाप करते हैं।
बौद्ध धर्म के लोग इस दिन अपने घर और या फिर मंदिरों में भगवान बुद्ध की मूर्ति के सामने अगरबत्ति और मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना करते हैं।
इस दिन गरीबों में कपड़े और खाना बांटने का विशेष महत्त्व होता है।
बुद्ध पूर्णिमा पर क्या ना करें-
भूलकर भी इस दिन मांसाहार का सेवन ना करें।
आज के दिन झूठ बोलने से बचें।
अपने कर्मों या बोली से माता-पिता को दुख और कष्ट ना पहुंचाएं।
बुद्ध पूर्णिमा पर करें ये उपाय मिलेगा महालाभ-
बुद्ध पूर्णिमा के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी स्नान करें।
फिर एक स्टील या चांदी के लोटे में जल भरें और उस जल में थोड़ा कच्चा दूध, मिश्री और गंगाजल मिला लीजिए। इस जल को पीपल के पेड़ में अर्पित करें।
शाम के समय विष्णु भगवान को खीर में तुलसी डालकर भोग लगाएं। फिर ये खीर जरूरतमंद लोगों को बाट दें।
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