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కరోనా మహమ్మారి మూడవ వేవ్ రావడం దాదాపు ఖాయం అంటున్నారు నిపుణులు. వచ్చే వారం(ఆగస్ట్ రెండోవారం) నుండి కొత్త కరోనా పాజిటివ్ కేసులు పెరగడం ప్రారంభించవచ్చునని నిపుణులు చెబుతున్నారు. - COVID third wave likely to hit India in August
ஆகஸ்ட் மாதமே ஆரம்பிக்க வாய்ப்புள்ளதாக உச்சக்கட்ட அபாய எச்சரிக்கை! கொரோனாவின் இரண்டாவது அலையின் தாக்கம் இந்தியாவில் கொஞ்சம் கொஞ்சமாக குறைந்து வருகிறது இந்நிலையில் வரும் ஆகஸ்ட் மாதமே மூன்றாவது அலை ஆரம்பிக்க வாய்ப்புள்ளதாக மத்திய அரசுக்கு ஆலோசனை வழங்கும் குழுவின் விஞ்ஞானி மனிந்திர அகர்வால் தெரிவித்துள்ளார், மேலும் மூன்றாவது அலையின் உச்சம் அக்டோபர் நவம்பர் மாதங்களில் இருக்கலாமென உச்சகட்ட அபாய எச்சரிக்கை கொடுத்துள்ளார் எனவே தடுப்பூசி போடும் பணியை துரிதப்படுத்த வேண்டும் என்று கூறியுள்ளார். #CoronaThirdWave Follow on Website : https://bit.ly/364PZdu Google News : https://bit.ly/3vvapGC Sharechat : https://bit.ly/2Uw3yQr YouTube : https://bit.ly/3qxrQp9 Twitter : https://bit.ly/31H2dGU Facebook : https://bit.ly/3qcu2RX Instagram : https://bit.ly/3A4600Q Kooapp : https://bit.ly/3xctUFT FlipBoard : https://bit.ly/3dkjITL https://www.instagram.com/p/CQ7RgJvMlHb/?utm_medium=tumblr
सरकार ने कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' घोषित किया, WHO ने बताया है सबसे घातक
चैतन्य भारत न्यूज भारत में जहां कोरोना महामारी की दूसरी लहर की रफ्तार अब कम होती दिखाई दे रही है तो वहीं इस वायरस के डेल्टा वैरिएंट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोरोना वायरस के नए 'डेल्टा प्लस वैरिएंट' को केंद्र सरकार ने 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' यानी चिंताजनक घोषित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट देश में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के अब तक 22 मरीज मिल चुके हैं। डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश के लिए एडवाइजरी जारी की है। इन राज्यों को तत्काल रोकथाम के उपाय करने, उन्नत परीक्षण, ट्रैकिंग और टीकाकरण उन जिलों और समूहों में करने को कहा गया है। बेहद संक्रामक हैडेल्टा प्लस वैरिएंट एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने बातचीत में डेल्टा प्लस को वैरिएंट 'बेहद संक्रामक' बताया है। उनका कहना है कि, 'ये इतना संक्रामक है कि अगर आप इस वैरिएंट से संक्रमित किसी कोरोना मरीज के बगल से बगैर मास्क के गुजरते हैं तो आप भी संक्रमित हो सकते हैं।' उनका कहना है कि, 'कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। अब इस बारे में पता लगाया जा रहा है कि वैक्सीन इस वैरिएंट के खिलाफ असरदार है या नहीं।' देश में अब तक 22 मरीज मिल चुके स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के अब तक 22 मरीज मिल चुके हैं। मंत्रालय ने इसे लेकर महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश को पत्र भी लिखा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि डेल्टा वैरिएंट 80 देशों में और डेल्टा प्लस वैरिएंट भारत के अलावा 9 देशों में है। अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, चीन, नेपाल, रूस और जापान में भी डेल्टा प्लस वैरिएंट मिले हैं। क्या है डेल्टा प्लस वैरिएंट? अब बात करते हैं डेल्टा प्लस वैरिएंट की। यह डेल्टा वैरिएंट के रूप में हुए बदलावों की वजह से बना है। डेल्टा वैरिएंट यानी B.1.617.2 जो कि पहले भारत में मिला था। फिर बाद के महीनों में यह दूसरे कई देशों में भी पाया गया। कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट में इसके स्पाइक प्रोटीन में K417N बदलाव हुआ है। डेल्टा प्लस वैरिएंट को पहले B.1.617.2.1 कहा जाता था। यह सबसे पहली बार यूरोप में मिला था। स्पाइक प्रोटीन कोरोना वायरस का जरूरी हिस्सा है। इसकी वजह से ही वायरस मानव शरीर में घुसकर इंफेक्शन करता है। Read the full article
सरकार ने कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' घोषित किया, WHO ने बताया है सबसे घातक
चैतन्य भारत न्यूज भारत में जहां कोरोना महामारी की दूसरी लहर की रफ्तार अब कम होती दिखाई दे रही है तो वहीं इस वायरस के डेल्टा वैरिएंट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोरोना वायरस के नए 'डेल्टा प्लस वैरिएंट' को केंद्र सरकार ने 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' यानी चिंताजनक घोषित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट देश में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के अब तक 22 मरीज मिल चुके हैं। डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश के लिए एडवाइजरी जारी की है। इन राज्यों को तत्काल रोकथाम के उपाय करने, उन्नत परीक्षण, ट्रैकिंग और टीकाकरण उन जिलों और समूहों में करने को कहा गया है। बेहद संक्रामक हैडेल्टा प्लस वैरिएंट एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने बातचीत में डेल्टा प्लस को वैरिएंट 'बेहद संक्रामक' बताया है। उनका कहना है कि, 'ये इतना संक्रामक है कि अगर आप इस वैरिएंट से संक्रमित किसी कोरोना मरीज के बगल से बगैर मास्क के गुजरते हैं तो आप भी संक्रमित हो सकते हैं।' उनका कहना है कि, 'कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। अब इस बारे में पता लगाया जा रहा है कि वैक्सीन इस वैरिएंट के खिलाफ असरदार है या नहीं।' देश में अब तक 22 मरीज मिल चुके स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के अब तक 22 मरीज मिल चुके हैं। मंत्रालय ने इसे लेकर महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश को पत्र भी लिखा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि डेल्टा वैरिएंट 80 देशों में और डेल्टा प्लस वैरिएंट भारत के अलावा 9 देशों में है। अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, चीन, नेपाल, रूस और जापान में भी डेल्टा प्लस वैरिएंट मिले हैं। क्या है डेल्टा प्लस वैरिएंट? अब बात करते हैं डेल्टा प्लस वैरिएंट की। यह डेल्टा वैरिएंट के रूप में हुए बदलावों की वजह से बना है। डेल्टा वैरिएंट यानी B.1.617.2 जो कि पहले भारत में मिला था। फिर बाद के महीनों में यह दूसरे कई देशों में भी पाया गया। कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट में इसके स्पाइक प्रोटीन में K417N बदलाव हुआ है। डेल्टा प्लस वैरिएंट को पहले B.1.617.2.1 कहा जाता था। यह सबसे पहली बार यूरोप में मिला था। स्पाइक प्रोटीन कोरोना वायरस का जरूरी हिस्सा है। इसकी वजह से ही वायरस मानव शरीर में घुसकर इंफेक्शन करता है। Read the full article
एम्स के डॉक्टर ने कहा- कोरोना की तीसरी लहर इन दो महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी
चैतन्य भारत न्यूज भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर धीरे-धीरे शांत हो रही है। रोजाना कम होते मामलों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा ढील दी जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की आंशका जताते हुए लॉकडाउन में ढील न देने की चेतावनी दी है। कोरोना की तीसरी लहर कब आएगी और यह कितनी गंभीर होगी, किन लोगों को इससे विशेष सावधान रहने की जरूरत है, ऐसे ही कई तरह के कई सारे सवाल दिमाग में घूम रहे हैं। इसी बीच रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (Aiims) दिल्ली में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसन के सहायक प्रोफेसर नीरज निश्चल ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के कारकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, 'कोरोना की संभावित तीसरी लहर मुख्यरूप से दो महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी- पहला वायरस से संबंधित और दूसरा मानव-संबंधी। वायरस में होने वाला म्यूटेशन और उससे जनित जटिलताएं हमारे हाथ में नहीं हैं लेकिन मानव-संबंधी कारकों को हम अपने प्रयासों से दूर कर सकते हैं। कोरोना वायरस की तीसरी लहर कब आएगी? एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने शनिवार को चेतावनी दी कि, यदि कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं किया गया और भीड़-भाड़ नहीं रोकी गई, तो अगले छह से आठ सप्ताह में वायरस संक्रमण की अगली लहर देश में दस्तक दे सकती है। भारत अप्रैल और मई में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की जानें गई थीं और विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण संकट बढ़ गया था। यहां तक कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए देश के अधिकांश हिस्सों में पाबंदी और सख्त प्रतिबंध भी लागू किए गए थे। Read the full article
Innovative initiative by The Rotaract Club, Jagannath Institute of Management Sciences, Vasant KunjII (JIMS VKII) makes Headlineshttps://www.punjabnewsexpres...
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