संदीप भंसाली: डिजिटल क्रांति के प्रेरक और मंथन के संस्थापक
जिन्होंने डिजिटल आजादी के माध्यम से भारत के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सपना देखा।
"संघर्ष से 36 करोड़ तक — जानिए संदीप भंसाली की डिजिटल आज़ादी वाली कहानी!
क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपके पास सब कुछ हो और एक दिन अचानक सब कुछ छिन जाए, तो आप क्या करेंगे? कुछ लोग हार मान लेते हैं, और कुछ लोग उस टूटे हुए हालात से खुद को इतना मजबूत बनाते हैं कि पूरी दुनिया उनकी मिसाल देने लगती है। आज मैं आपको एक ऐसी ही कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जो ना सिर्फ आपको झकझोर कर रख देगी, बल्कि आपके अंदर भी एक नई आग जगा देगी। ये कहानी है संदीप भंसाली की — Digital Azadi के फाउंडर, एक बिज़नेसमैन, डिजिटल मार्केटिंग कोच और हजारों लोगों के सपनों को सच करने वाले इंसान की।
1981 में पुणे के एक सिंधी परिवार में जन्मे संदीप भंसाली के बचपन में कभी पैसों की कमी नहीं थी। घर में गाड़ी, बंगला और सुख-सुविधाएं सब कुछ था। लेकिन ज़िंदगी कब पलट जाए, कोई नहीं जानता। उनके पिता का बिज़नेस अचानक डूब गया। माँ ने घर संभाला, भाई ने स्कूल छोड़ दिया, और 13 साल की उम्र में संदीप ने संघर्ष की असली परिभाषा को जाना। स्कूल के दिनों में ही वो डिबेट, एंकरिंग और स्पोर्ट्स में अव्वल रहे। फिर UNAIDS प्रोग्राम के ज़रिए सेक्स एजुकेशन पर भाषण देने का मौका मिला। यहीं उन्हें एहसास हुआ कि लोगों को ज्ञान बाँटना ही असली सुकून देता है।
इसके बाद मिस्टर पुणे बनने से लेकर मुंबई में मॉडलिंग, एक्टिंग और कॉल सेंटर की नौकरी तक का सफर तय किया। 50 से ज्यादा टीवी सीरियल्स में काम किया। शादी के बाद ज़िंदगी ने फिर करवट ली। पैसों की जिम्मेदारियां और बिज़नेस की जिम्मेदारी समझ आई।
डिजिटल आज़ादी का सफर। नोटबंदी, जीएसटी और कोविड जैसे हालात में उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग सीखी। मोबाइल और लैपटॉप से बिज़नेस खड़ा किया और महज 36 महीनों में 15 करोड़ का टर्नओवर कर दिखाया। आज वो Digital Azadi के ज़रिए 25,000 से ज्यादा लोगों को ऑनलाइन कमाई और डिजिटल स्किल्स सिखा चुके हैं।
5.डिजिटल आजादी मंथन कार्यक्रम
डिजिटल आज़ादी मंथन कार्यक्रम डिजिटल आज़ादी द्वारा आयोजित एक वार्षिक बिक्री कार्यक्रम प्रतीत होता है, जो एक डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफ़ॉर्म है, जो अपने "डिजिटल रचियेता" को पहचानने और उनका जश्न मनाने के लिए आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम जनवरी में अगस्त में आयोजित किया जाता है। ऐसा लगता है कि यह एक ऐसा मंच है जहाँ प्रतिभागी नए विचार सीखते हैं और डिजिटल आज़ादी की यात्रा में आगे बढ़ते हैं। यह कार्यक्रम डिजिटल आज़ादी के लिए अपने रचनाकारों को धन्यवाद देने और उनके योगदान को स्वीकार करने का भी एक मौका है|
अगर आप भी अपनी लाइफ में बदलाव चाहते हैं, डिजिटल स्किल्स सीखकर पैसे कमाना चाहते हैं और अपनी स्टोरी को सक्सेस स्टोरी में बदलना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अभी देखिए। कमेंट में बताइए कि आपकी कहानी किस मोड़ पर है। और हाँ, चैनल सब्सक्राइब करना ना भूलें, क्योंकि यहां हर हफ्ते मिलती है ऐसी ही मोटिवेशनल और डिजिटल कमाई की रियल स्टोरी।
चलो एक साथ मिलकर क्रिएट करें Digital Azadi — क्योंकि हर किसी का हक है डिजिटल करोड़पति बनने का।आधिक जानकारी के लिए हमारा Article पढिए -https://www.bhaskarhindi.com/business/sandeep-bhansali-inspirer-of-the-digital-revolution-and-founder-of-manthan-1089593