Capture the essence of Krishna Kanha and Radha’s divine love with this vibrant artwork. Featuring Krishna’s flute and a radiant peacock, this piece symbolizes spiritual harmony and grace. Available on various merchandise to uplift your space.
(via "Krishna Kanha and Radha: A Divine Moment with Flute and Peacock" Magnet for Sale by myabstractart _RB)
प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान 7 दिन पहले 16 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा
22 जनवरी को महज 84 सेकेंड के मुहूर्त में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी
अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी. लेकिन प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान 7 दिन पहले 16 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा. इसके बाद 22 जनवरी को महज 84 सेकेंड के सूक्ष्म अभिजीत मुहूर्त में भगवान रामलला के अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इसके बाद उसी दिन महापूजा होगी और महाआरती भी होगी. 22 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त के वे अति सूक्ष्म मुहूर्त 84 सेकेंड दोपहर 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकेंड से लेकर 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकेंड के बीच होंगे.
आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित और उनके बेटे पंडित अरुण दीक्षित के साथ देशभर के 121 वैदिक ब्राह्मण इस पूजा को संपन्न कराएंगे. राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराने वाले लक्ष्मीकांत दीक्षित के पुत्र पंडित अरुण दीक्षित के मुताबिक, किसी भी मूर्ति की जब मंदिर या घर में प्राण प्रतिष्ठा की जाती है, उसमें देवत्व आता है यानी प्राण आता है. इसे मूर्ति का जागृत होना भी कह सकते हैं. मूर्ति को रथ पर या जो भी साधन हो उसमे लाया जाता है. उसके बाद हवन होता है. सबसे पहले मूर्ति को जल में डुबाते हैं, जिसे जलधिवास कहते हैं. ऐसा इसलिए ताकि अगर मूर्ति में कोई छेद या त्रुटि रह गई हो तो कारीगर उसे देख ले. फिर शहद और घी से दरार को खत्म किया जाता है. एक रात अन्न मे मूर्ति बैठाई जाती है. जिसे अन्नाधिवास कहते हैं.
Swadesh Live| Madhya Pradesh News In Hindi| Breaking News In Hindi|Trending News In Hindi|Hindi News
The Amazing woman who taught me to succeed in everything that I attempt and who helped me to realise 'I Can'!! #ThankYou @theselinabrown for all that you are and all that you continue to be ❤ #SelinaBrown #MyFriendJen #DivineMoment (at London, United Kingdom)