डूंगरपुर : कलक्टर ने किया अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण
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डूंगरपुर : कलक्टर ने किया अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण
डूंगरपुर, 28 जून। अपने कार्यग्रहण के दिन ही जिले में चिकित्सा एवं शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने की प्रतिबद्धता व्यक्त कर चुके जिला कलक्टर इंद्रजीत सिंह ने बुधवार को जिला अस्पताल स्वर्गीय हरिदेव जोशी सामान्य चिकित्सालय का डेढ़ घंटे तक सघन निरीक्षण करते हुए अस्पताल का कोना-कोना देखा व चिकित्सा सेवाओं की हकीकत जानी। निरीक्षण उपरांत कलक्टर ने यहां पर नियुक्त डाक्टर्स की एक घंटे तक मीटिंग ली और उनकी समस्याओं के बारे मे जानकारी ली वं उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उमदा चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का कमिटमेंट भी लिया।
आज सुबह जिला अस्पताल पहुंचे कलक्टर सिंह ने चिकित्सालय के समस्त वार्डों का बारीकी से निरीक्षण किया और हर वार्ड की समस्याओं के बारे में प्रभारी चिकित्साधिकारी व मौजूद रोगियों से संवाद कर जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही पीएमओ डॉ. मोहम्मद ईस्माईल से संवाद कर समस्या समाधान के लिए निर्देश प्रदान किए। कलक्टर ने चिकित्सालय के समस्त वार्ड, टीकाकरण कक्ष, आईसीटीसी, चिकित्सक कक्ष, काउंसलिंग सेंटर, ऑपरेशन थियेटर, आउटडोर ईसीजी, ब्लड बैंक, आईसीयू, एमटीसी, एफबीएनसी वार्ड, निशुल्क दवाई वितरण केन्द्र, डीडीसी स्टोर आदि को देखा और यहां पर मौजूद चिकित्सकों व कार्मिकों से उनके द्वारा दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी ली। कलक्टर ने वार्डों के दस्तावेजों को खंगाला और उनके संधारण की स्थितियांे को देखते हुए जानकारी ली वही कई स्थानों पर बंद पड़े कमरों को भी खुलवाकर देखा और इनके उपयोग की संभावनाओं पर प्रश्न पूछे।
समस्याएं देखकर दिए निर्देश:
कलक्टर ने वार्डों और चिकित्साधिकारियों के कक्षों की सुविधाओं को देखा और यहां पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने, उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव, संक्रमण से बचाव के लिए ऐहतियात बरतने, बंद पडे़ पंखों को चालू करवाने, शौचालयों में पानी की आपूर्ति करने सहित आवश्यक साजों सामान की खरीद करते हुए बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने के निर्देश दिए। कलक्टर ने ब्लड बैंक के निरीक्षण दौरान कम्प्यूटर में ऑनलाईन ब्लड डोनर की उपलब्धता की स्थिति को जानकर वर्तमान में जिला अस्पताल में रक्त संग्रहण की स्थितियों के बारे में जानकारी ली वहीं एफबीएनसी वार्ड में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हुए भर्ती नवजात को किसी प्रकार का संक्रमण ना फैले इस बात का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए।
ममता कार्ड देखा, लाभांवित प्रसूता से ली जानकारी:
जिला अस्पताल के निरीक्षण दौरान जिला कलक्टर सिंह ने जननी शिशु सुरक्षा योजना से संबंधित कक्ष में प्रसूताओं को दी जा रही प्रोत्साहन राशि के बारे में जानकारी ली। उन्होेंने यहां पर एक प्रसूता के ममता कार्ड को भी देखा और लाभांवित प्रसूता को दी गई प्रोत्साहन राशि के चैक को देखकर प्रसूता से संवाद किया। उन्होंने दुर्गा नामक एक प्रसूता से पूछा कि क्या उसका बैंक खाता खुलवा दिया गया है तो उसने सहमति में सिर हिलाया व बताया कि गांव की अन्य गर्भवती माताओं का भी बैंक खाता खुलवा दिया गया है। उन्होंने कक्ष में नियुक्त कार्मिक से दिन में लाभांवित प्रसूताओं की जानकारी लेने पर बताया कि दिन में 15 से 20 प्रसूताओं को चैक प्रदान किए जाते हैं। इसी प्रकार एमटीसी वार्ड में कुपोषित बच्चों व माताओं को दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी कलक्टर ने जानकारी ली और लाभांवित माताओं से संवाद कर प्राप्त सुविधाओं की पुष्टि की। उन्होंने इंद्रखेत की नर्बदा व गैंजी की सविता से इस वार्ड में आने के लिए प्रेरित करने वालों के बारे में भी पूछा तो जनरल वार्ड में सेवारत नर्सिंग स्टूडेंट संजय प्रजापत से भी चिकित्सालय में दी जा रही सेवाओं और समस्याओं के बारे में फिडबैक लिया।
बंद पड़ी बर्न यूनिट को खुलवाया:
कलक्टर सिंह ने निरीक्षण दौरान बर्न यूनिट पर ताला देखकर उसे खुलवाया। उन्होंने यहां पर देखा तो एसी सुविधायुक्त 18 बेडों की इस बर्न यूनिट के बनने के बाद उपयोग नहीं हो रहा था। उन्होंने गत तीन वर्षों से धूल खा रहे एसी, बेड और यूनिट के उपकरणों को देखकर असंतोष जताया और पीएमओ को निर्देश प्रदान किए कि वे चिकित्सालय में आने वाली गर्भवती माताओं और अन्य रोगियों के लिए इस यूनिट का उपयोग सुनिश्चित करें। निरीक्षण दौरान अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीपी वर्मा, तहसीलदार डायालाल पाटीदार, डॉ. सतीश श्रीमाली, डॉ. गोकुल प्रजापति, डॉ. विनय गोठी, डॉ. संतोष यादव, डॉ. राजेश सरैया, डॉ. शुभ्रा शर्मा, सुधीर मोरिसन व अन्य चिकित्साधिकारी मौजूद थे।