ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले अशुभ काल का आरंभ हो जाता है और इस अशुभ अवधि को ही सूतक काल कहा जाता है। इस अवधि के दौरान, किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए। इस साल का आखिरी ग्रहण यानि चंद्र ग्रहण कार्तिक पूर्णिमा/Kartik Purnima यानि 8 नवंबर 2022 को पड़ेगा। चंद्र ग्रहण की शुरुआत यानी स्पर्शकाल शाम 5 बजकर 35 मिनट से शुरू होगा और ग्रहण का मध्य भाग शाम 6 बजकर 19 मिनट तक रहेगा और मोक्ष शाम 7 बजकर 26 मिनट तक होगा। इस ग्रहण/Eclipse का सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले सुबह 5 बजकर 53 मिनट से शुरू हो जाएगा और अगले दिन सुबह करीब 7 बजे तक चलेगा।
साल का आखिरी चंद्रग्रहण भारत समेत दक्षिणी/पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, पेसिफिक, अटलांटिक और हिंद महासागर में देखने को मिलेगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान की जाने वाली सावधानियां
ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले भोजन में तुलसी के पत्ते डालने चाहिए। इसके अलावा, ग्रहण के दौरान धार्मिक और प्रेरणादायक पुस्तकें पढ़नी चाहिए क्योंकि इन्हें पढ़ने से आंतरिक नकारात्मक ऊर्जाएं दूर हो जाती हैं। इसके साथ ही, मंत्र जाप से ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से भी बचा जा सकता है।
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