रेपिस्ट को फांसी दो !
रेपिस्ट को फांसी दो !
कुछ महिलाओं वाले समूहों का भाग हूँ, यहाँ घर से सामान बना कर बेचने वाली महिलाएं हैं। मनपसंद चीजें ठीक पैसों में मिल जाती हैं, सस्ता सौदा हर मेहनत कश परिवार की स्त्री ढूँढती है। पर इसके बदले झेलना पड़ता है विलाप, कभी ससुराल को लेकर, कभी पति को लेकर। माँ महान होती है, आप एक बेस्ट महिला हो बेटियाँ बेटों से बेहतर होती हैं टाइप के कूड़े से खोपड़ी भन्ना जाती है। आजकल lockdown में खरीद फरोख्त बंद है तो नई…
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