दिल्ली में किसान मुक्ति संसद ने 2 बिल पारित किये 1. न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन मूल्य में 50% बढाकर दिया जाए 2. देशभर के किसान को पूर्णतः ऋण मुक्त किया जाए इन दोनों बिलों को लेकर अब अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति गुजरात के बारडोली से 26 नवम्बर से 26 जनवरी तक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी जिसमें चर्चाएं, जन सुनवाई, सोशल मीडिया कैम्पेन आदि आयोजित किये जायेंगे. - इस राष्ट्रव्यापी अभियान में निम्न किया जाएगा 1. जिला स्तर पर 500 चर्चाएं- सेमिनार, जिसमें यह दोनों बिल बांटे जायेंगे, जिसके बाद प्रदेश स्तर की चर्चाएँ होंगी 2. सांसदों को बिल की प्रतिलिपियाँ बांटी जायेंगी 3. किसान मुक्ति यात्राओं और संसद पर फिल्म दिखाई जायेगी - किसान मुक्ति संसद के बाद रबी की फसल के इर्द-गिर्द किसान मुक्ति अभियान चलाया जायेगा 1. न्यूनतम से न्यून नहीं : किसी भी हालत में मंडियों में न्यूनतम मूल्य से नीचे फसल नहीं बेचीं जायेगी 2. न कुर्की, न मुनादी : किसी किसान को क़र्ज़ के चलते प्रताड़ित नहीं होने दिया जाएगा 3. गणतंत्र दिवस को "किसान मुक्ति दिवस" के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन किसान "चेतावनी सत्याग्रह" के माध्यम से दुनिया के सबसे बड़े प्रजातंत्र में अपना हिस्सा मांगेंगे - इसके अतिरिक्त किसानों को संगठनात्मक रूप में मज़बूत किया जाएगा 1. मौजूदा किसान संगठनों की औपचारिक सदस्यता की जायेगी 2. नए किसान संगठनों को जोड़ा जाएगा 3. संविधान/नियमावली का गठन किया जाएगा #KisanMuktiSansad #KisanKiLoot #Indebted2Farmers (at New Delhi, India)