लाहौली टोपी लाहौल में विशेष लाहौल में विशेष अवसरों, शादियों व त्यौहारों में पहनी जाने वाली यह टोपी बाजारों में नहीं मिलती बल्कि घरों में विशेष तौर पर फूलों से सजाई जाती है। प्रदेश भर में शादी के दौरान बारातियों के लिए पगड़ी लगाने की परंपरा है लेकिन लाहौल की शादियों में महिलाएं हो या पुरुष, बच्चे हों या फिर बुजुर्ग फूलों वाली टोपी सभी के सिर का ताज बनती है। इन टोपियों में लाहौल की संस्कृति के रंग बिखेरने वाले फूल किसी मशीन में आजतक नहीं बने। ये तो आज भी घरों में हाथों से बनते हैं। इन फूलों को बनाने में बड़ी मेहनत करनी पड़ती है। फूल बनाने वाली एक महिला से दिन में 2-3 फूलों से अधिक फूल नहीं बन पाते हैं। सुखा कर रखी गई गेंदे की पंखुडिय़ों को 7 रंगों वाले गोल चमकीले कागजों में गूंथ कर फूलों वाली टोपी सजाना सचमुच में ही बेमिसाल कला है। अब कुल्लवी और किन्नौरी टोपी को भी लाहौली लुक दिया जा रहा है। इन टोपियों पर लाहौल के फूल सजे नहीं कि यह टोपियां भी लाहौली संस्कृति का अंग बन जाती हैं। . . . . . #lahaulitopi #lahauli #lahaulspiti #traditionaltopi #culture #tradition #himachalgram #himachali_swagger #incrediblehimachal https://www.instagram.com/p/BttX8spH5c4/?utm_source=ig_tumblr_share&igshid=y7gyj1t2k9ic















