In the vibrant landscapes, the Mahua Tree, scientifically known as Madhuca longifolia, stands as a symbol of ethereal blossoms and cultural

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चमत्कारी महुआ पेड़ के लिए मचा बवाल, छूने से रोका तो गांववालों ने पुलिस पर कर दिया पथराव, टीआई सहित दो दर्जन पुलिसकर्मी घायल
चैतन्य भारत न्यूज होशंगाबाद. मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के बनखेड़ी क्षेत्र के जंगलों में मौजूद एक पेड़ ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। गांव में यह अफवाह फैलने के बाद कि महुआ के पेड़ को छूने से परेशानियां दूर होती हैं, इसके बाद से ही पेड़ को छूने के लिए भारी संख्या में भीड़ जुट रही है। बेकाबू भीड़ और प्रतिबंधित जंगल क्षेत्र में घुसने के कारण पुलिस प्रशासन ने 2 दिन पहले यहां प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन अंधविश्वास ने लोगों को ऐसा जकड़ लिया कि बेताब भीड़ ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया। इस घटना में आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({});
टीआई के सिर में आई चोट सूत्रों के मुताबिक, बनखेड़ी टीआई शंकरलाल झरिया के सिर में पत्थर से चोट आई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले ही कुछ लोगों ने यह अफवाह फैलाई थी कि जंगल में लगे महुआ के पेड़ को छूने से सभी प्रकार की शारीरिक परेशानियां समाप्त हो जाती हैं। पेड़ में किसी दैवीय शक्ति का वास है। इसलिए रविवार और बुधवार को यहां लोगों का हुजूम उमड़ने लगा। आज भी बुधवार होने के कारण हजारों लोग महुआ पेड़ स्थल पर पहुंच रहे थे, जब उन्हें जाने से रोका गया तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। साथ ही गांव वालों ने सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर टेंट में आग लगा दी। हालात इतने उग्र हो गए कि स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया। स्टेशन रोड टीआई सतीश अंधवान की सूझबूझ से बड़ी घटना होने से टल गई।
बफर जोन में स्थित है पेड़ बता दें महुआ का ये पेड़ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बफर जोन में है। साथ ही जंगल में लोगों के इतनी बड़ी संख्या में पहुंचने से पेड़ों को भी नुकसान पहुंच रहा है। लेकिन लोगों की आस्था कम नहीं हो रही है। भारी भीड़ के कारण जंगल में ट्रैफिक जाम के हालात बन रहे हैं। आईजी, डीआईजी के साथ तमाम पुलिस अधिकारी लोगों को समझाने की भी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लोग किसी भी तरह की बात सुनने तैयार नहीं हैं।
ऐसे शुरू हुआ अंधविश्वास का खेल बनखेड़ी क्षेत्र के नया गांव निवासी रूप सिंह ने बताया कि, एक महीने पहले नवरात्रि के वक्त वो इस महुआ के पेड़ के नीचे से गुजर रहा था। तभी पेड़ ने उसे अचानक अपने पास खींच लिया। वो 10 मिनट तक पेड़ से ही चिपका रहा। जब उसने पेड़ को छोड़ा तो उसे कुछ समझ नहीं आया। लेकिन उसके बाद से ही उसकी सभी शारीरिक परेशानी दूर हो गई। फिर वो करीब पांच बुधवार और रविवार को उस पेड़ के पास आया और उसके बाद वो बिलकुल ठीक हो गया। रूप सिंह ने यह बात गांव वालों को बताई इसके बाद से ही यहां लोगों का आना-जाना लगा है। यह भी पढ़े... एक अनूठा कल्पवृक्ष, जिसमें हमारे शरीर में आवश्यक 8 अमीनो एसिड में से 6 पाए जाते हैं Read the full article
चमत्कारी महुआ पेड़ के लिए मचा बवाल, छूने से रोका तो गांववालों ने पुलिस पर कर दिया पथराव, टीआई सहित दो दर्जन पुलिसकर्मी घायल
चैतन्य भारत न्यूज होशंगाबाद. मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के बनखेड़ी क्षेत्र के जंगलों में मौजूद एक पेड़ ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। गांव में यह अफवाह फैलने के बाद कि महुआ के पेड़ को छूने से परेशानियां दूर होती हैं, इसके बाद से ही पेड़ को छूने के लिए भारी संख्या में भीड़ जुट रही है। बेकाबू भीड़ और प्रतिबंधित जंगल क्षेत्र में घुसने के कारण पुलिस प्रशासन ने 2 दिन पहले यहां प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन अंधविश्वास ने लोगों को ऐसा जकड़ लिया कि बेताब भीड़ ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया। इस घटना में आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({});
टीआई के सिर में आई चोट सूत्रों के मुताबिक, बनखेड़ी टीआई शंकरलाल झरिया के सिर में पत्थर से चोट आई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले ही कुछ लोगों ने यह अफवाह फैलाई थी कि जंगल में लगे महुआ के पेड़ को छूने से सभी प्रकार की शारीरिक परेशानियां समाप्त हो जाती हैं। पेड़ में किसी दैवीय शक्ति का वास है। इसलिए रविवार और बुधवार को यहां लोगों का हुजूम उमड़ने लगा। आज भी बुधवार होने के कारण हजारों लोग महुआ पेड़ स्थल पर पहुंच रहे थे, जब उन्हें जाने से रोका गया तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। साथ ही गांव वालों ने सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर टेंट में आग लगा दी। हालात इतने उग्र हो गए कि स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया। स्टेशन रोड टीआई सतीश अंधवान की सूझबूझ से बड़ी घटना होने से टल गई।
बफर जोन में स्थित है पेड़ बता दें महुआ का ये पेड़ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बफर जोन में है। साथ ही जंगल में लोगों के इतनी बड़ी संख्या में पहुंचने से पेड़ों को भी नुकसान पहुंच रहा है। लेकिन लोगों की आस्था कम नहीं हो रही है। भारी भीड़ के कारण जंगल में ट्रैफिक जाम के हालात बन रहे हैं। आईजी, डीआईजी के साथ तमाम पुलिस अधिकारी लोगों को समझाने की भी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लोग किसी भी तरह की बात सुनने तैयार नहीं हैं।
ऐसे शुरू हुआ अंधविश्वास का खेल बनखेड़ी क्षेत्र के नया गांव निवासी रूप सिंह ने बताया कि, एक महीने पहले नवरात्रि के वक्त वो इस महुआ के पेड़ के नीचे से गुजर रहा था। तभी पेड़ ने उसे अचानक अपने पास खींच लिया। वो 10 मिनट तक पेड़ से ही चिपका रहा। जब उसने पेड़ को छोड़ा तो उसे कुछ समझ नहीं आया। लेकिन उसके बाद से ही उसकी सभी शारीरिक परेशानी दूर हो गई। फिर वो करीब पांच बुधवार और रविवार को उस पेड़ के पास आया और उसके बाद वो बिलकुल ठीक हो गया। रूप सिंह ने यह बात गांव वालों को बताई इसके बाद से ही यहां लोगों का आना-जाना लगा है। यह भी पढ़े... एक अनूठा कल्पवृक्ष, जिसमें हमारे शरीर में आवश्यक 8 अमीनो एसिड में से 6 पाए जाते हैं Read the full article