अट्ठाइस करोड़ साल पुराने जीवाश्म!! मनेन्द्रगढ़ शहर में एक कोने में आमाखेरवा नामक स्थान है, जहां हसदो नदी बहती है। हसदेव नदी के तट पर ही मरीन गोंडवाना फॉसिल्स पार्क विकसित किया गया है । इस पार्क में 28 करोड़ साल पुराने समुद्री जीवाश्म मिले हैं, जिन्हें संरक्षित कर दिया गया है। ये जीवाश्म कितने महत्वपूर्ण हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वन विभाग ने बाहर बोर्ड पर निर्देश लगा रखा है कि अगर इन जीवाश्म को कोई छेड़ेगा या उखाडेगा, तो जैव विविधता अधिनियम के तहत दोषी व्यक्ति को पाँच साल की कैद और दस लाख रुपये जुर्माना देना होगा। संबोधन साहित्य कला परिषद के मेरे मित्र वीरेंद्र श्रीवास्तव और छोटे भाई सतीश उपाध्याय के साथ मैंने पिछले दिनों समुद्री जीवाश्मो को जाकर देखा और उसके फोटोग्राफ्स भी लिए। ऐसे जीवाश्म इस समय देश में सिर्फ चार जगह भी मिलते हैं और ये स्थान हैं, सुबांसरी (अरुणाचल प्रदेश), राजहरा (झारखंड) दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) और खेमगांव (सिक्किम)। समुद्री फॉसिल्स यानी समुद्री जीव जंतु जो कभी समुद्र में रहा करते थे। इसका मतलब यह है कि मनेन्द्रगढ़ का क्षेत्र भी कभी समुद्री सीमा से लगा रहा होगा। समय के परिवर्तन के साथ समुद्र का अस्तित्व खत्म होता चला गया और ये जीवाश्म पत्थरों के बीच दबकर रह गए । लेकिन आज भी अपने अस्तित्व की गवाही दे रहे हैं । मैंने मित्र वीरेंद्र से कहा है कि मेरिन फॉसिल्स पार्क को विकसित करके एक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए। और यहां की बड़ी बड़ी चट्टानों पर मानव सभ्यता के विकास से सम्बंधित चित्र उकेरे जाने चाहिए । अभी यह पार्क सुरक्षित जरूर है लेकिन उजाड़- सा है । इसे विकसित करने के लिए वन विभाग और खर्च करें। लोग यहां आएं, जीवाश्म को देखें । मगर पार्क में घूम कर मानव सभ्यता के निरंतर विकास की झांकियां भी देख सकें। इस दिशा में वन विभाग बेहतर काम कर सकता है। इन जीवाश्मों पर अनेक शोध कार्य हो चुके हैं। . . . Exploring with: Girish Pankaj Sir . . @cfor36garh #cfor36garh #baikunthpur #manendragarh #chirimiri #marinefossil #park #oldest #fossil #mineral #Ambikapur #sarguja #korea #archaelogy #rock #godwana #deccan #hasdeoriver #Chhattisgarh (at Manendragarh, India) https://www.instagram.com/p/CH19ecIrUHC/?igshid=8ep2ve8b3lzd