" मैं चित्रकूट का घाट तेरा "
तुमसे ही सम्मान मिला है,
तुमसे ही पहचान मेरी
तुम गंगा का बहता पानी,
मैं चित्रकूट का घाट तेरा |
तुम बन जाओ मेरी प्रेयषी गंगा,
मैं बन जाऊँ अनुरागीं तेरा
तुम गंगा का बहता पानी,
मैं चित्रकूट का घाट तेरा |
कंदमूल, वानर है सब मेरे साथी,
तुम बन जाओ गंगा सखी मेरी
तुम गंगा का बहता पानी,
मैं चित्रकूट का घाट तेरा |
मैं अधूरी मेरे राम के बिना
तुम बन जाओ सीता मेरी,
मैं बन जाऊँ राम तेरा
तुम गंगा का बहता पानी,
मैं चित्रकूट का घाट तेरा |
धन्यवाद...
(सचिन ओम गुप्ता,चित्रकूट धाम)














