क्या आदिवासियों के हक़ में आवाज़ उठाने वाला नक्सली होता है?
क्या आदिवासियों के हक़ में आवाज़ उठाने वाला नक्सली होता है?
जब मैं आदिवासियों के मारे जाने पर सवाल उठाता था. तो मुझे नक्सलवादी और विदेशी एजेंट कह कर गालियाँ दी जाती थीं. गालियाँ देने वाले कहते थे कि क्या सिपाहियों के मानवाधिकार नहीं होते? कुछ दिन पहले मैंने भारतीय सेना के एक राजस्थानी सिपाही के मानवाधिकारों के हनन के मामले पर लिखा लेकिन मुझे पहले गालियाँ देने वाले लोग उस सिपाही के समर्थन में भी सामने नहीं आये. अब आप इन गालियाँ देने वालों की हकीकत को समझने…
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