खुले आसमान तले निपटान
ब्लॉग- खुले आसमान तले निपटान अगले पच्चीस साल में भारत विकसित देश बन जायेगा। तब भी लोग प्लास्टिक की बोतल ले कर दिशा-मैदान के लिये जाते-आते दिख जायेंगे। शर्त लगाई जा सकती है!
सवेरे साइकिल ले कर घूमने निकलते रेलवे लाइन के आसपास ताजा निपटान देखने की अब आदत पड़ गई है। पहले जेब से रुमाल निकाल कर नाक पर दबाता था। अब दूर से ही सांस रोक पैडल तेज मारता हुआ वह इलाका पार करता हूं। आंकड़े में गांव ओपन डीफेकेशन फ्री चार पांच साल पहले ही हो चुका है। पर सीन जस का तस है। मेरे घर के पीछे का खेत भी हमारा है। उसमें हमने कंटीली बाड़ भी लगा रखी है। घर की आड़ और कंटीली बाड़ ने नीलगाय और अन्य…









