Dec 17, 2019
साधुता से लालच पर विजय , एक बार महात्मा घूमते-घूमते एक शहर के पास पहुंचे। लेकिन रात हो जाने के कारण शहर का दरवाज़ा बन्द हो गया था। महात्मा ने रात वही व्यतीत करके सुबह-सवेरे शहर में प्रवेश करने का विचार किया और वही दरवाज़े के पास बिछोना बिछाकर लेट गए।











