नमस्कार जी,
'हमारा परिवार' द्वारा आयोजित मासिक मिलन कार्यक्रम दिनांक 18 अगस्त को "स्नेह मिलन समारोह" के रूप में मनाया गया जिसमें पूर्व संघ प्रचारक एवं वर्तमान में भाजपा में राष्ट्रीय मंत्री का संगठनिक दायित्व निभा रहे सुनील देवधर जी का ओजस्वी उद्बोधन हम सभी को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम दोपहर बाद 1 बजे भोजन ग्रहण करने के उपरांत हमारा परिवार के प्रेरणास्रोत श्रीमान डा. सुरेंद्र जी के मधुर कंठ से निकले देश भक्ति गीत से शुरू हुआ। कार्यक्रम श्री राजकुमार जी गोयल व श्री योगेश जी के ऊर्जावान मंच संचालन और निर्देशन में आरंभ हुआ। हमारे इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम मैंने हमारा परिवार के मार्गदर्शक मंडल के सदस्यों श्रीमान श्याम कौशिक जी एवं श्रीमान पी. के. सिंघल जी को पुष्प माला पहना कर सम्मानित किया। तत्पश्चात हमारे मार्गदर्शक मंडल के सदस्यों ने मुख्य वक्ता श्रीमान सुनील देवधर जी को और कार्यक्रम के अध्यक्ष अधिवक्ता श्रीमान पीयूष जी को और मुझको शाल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया । कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्रीमान सुनील देवधर जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से कार्यक्रम में उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों के मन में देशप्रेम और देश के लिए कुछ करने जज्बा और जोश से भर दिया। श्रीमान देवधर जी का उद्बोधन इतना सशक्त और सकारात्मक रहा कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो बस उन्हे सुनता रहा और अपने अंदर राष्ट्र के प्रति समर्पित होने के भाव से भरता रहा। श्री देवधर जी ने नार्थ-ईस्ट राज्यों में किए गए अपने कार्यों से सबका परिचय कराते हुए नार्थ-ईस्ट को भारत के मुख्य धारा से जोड़ने की महता को रेखांकित किया। उन्होने बताया कि जब उन्होने नार्थ-ईस्ट में काम शुरू किया तब वहाँ के लोग भारत को मेन लैंड कहते थे जबकि अब वे अपने को भारतीय कहते हैं। उन्होने वामपन्थी विचारधारा को गरीबों को गरीब बनाए रखने की विचारधारा के रूप में परिभाषित किया, उन्होने कहा कि वामदलों ने देश को दो भागों में बांटा था जिसमें एक शोषित वर्ग था और दूसरा शोषण करने वाला वर्ग था। इससे समाज में कटुता बढ़ी, हिंसात्मक गतिविधियाँ बढ़ी मगर गरीबों का कुछ भला नहीं हो सका। उन्होने कहा कि 2014 में मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हमने समाज को दूसरी तरह से लेना शुरू किया, इसमें एक वर्ग गरीब लोगों का और दूसरा वर्ग जो इन गरीबों की गरीबी को दूर कर सकने का समर्थ रखते है। ऐसे समाज को आगे बढ़ाने में बहुत मदत मिली है। अब बहुत तेजी से जो गरीब और अक्षम लोग थे ना सिर्फ सक्षम हो रहे है बल्कि वे दूसरे वर्ग में जगह बना कर रोजगार सृजित कर रहे है।
श्रीमान सुनील देवधर जी के ओजस्वी और प्रेरक उद्बोधन के बाद हमारे कार्यक्रम के अध्यक्ष श्रीमान पीयूष जी ने भी अपने विचार साझा किए और देश निर्माण के कार्य में "हमारा परिवार" संगठन की भूरि -भूरी प्रशंसा की, उन्होने कहा कि अब जो देश में इतना सकारात्मक माहौल बना है वह ऐसे संगठनों के अथक प्रयासों और आप जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं के सहयोग से संभव हो पाया है। उन्होने देश में आ रहे सकारात्मक बदलाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि इसतरह प्रयत्नशील रह कर निश्चित रूप से हम भारत को, दुनिया के सबसे सशक्त और समृद्ध राष्ट्र बना सकते है। इसके पश्चात मैंने सभी अतिथियों को कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और हमारा परिवार का राष्ट्र के प्रति जो उदेश्य और कर्तव्य है उसे रेखांकित किया।
कार्यक्रम के पहले सत्र के समापन पर हमेशा की तरह मेरे परिवार के साथ परिचय कराया गया और उन्हे पारंपरिक रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का दूसरा सत्र सायं को चाय और घुड़सवारी के आनंद लेने के उपरांत संगीत संध्या के रूप में पुनः शुरू हुआ जिसमें भगवान श्रीराम, माँ जानकी, लक्ष्मण जी और बजरंगबली की मूर्तियां रख कर पूजा - अर्चना की गई और भजन और देशप्रेम के गीत प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम का समापन रात के भोजन के बाद किया गया।
मै और मेरा परिवार , हमारा परिवार के सभी सदस्यों का कार्यक्रम में सम्मिलित होने,शांति व्यवस्था वनायें रखने और समय देने के लिए हार्दिक धन्यवाद और अभिनंदन करते है।