#ajabgajabrajasthan **--सारणेश्वर महादेव सिरोही--** इस इस मंदिर का निर्माण सिरोही के तृतीय शासक महाराव विजय राज जी विजय ने करवाया। 1298 में दिल्ली का सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी गुजरात के सोलंकी साम्राज्य को समाप्त करके सिद्धपुर के रुद्रमाल मंदिर के शिवलिंग को घसीट कर ले जा रहा था। तब सिरोही, जालोर व मेवाड़ की सेना ने सिरणवा पहाड़ी की तलहटी में सुल्तान की सेना को पराजित कर दिया। वो दिन दीपावली का था, सिरोही के महाराजा ने उस शिवलिंग को वही स्थापित करके सारणेश्वर नाम दिया। 1299 में सुल्तान ने फिर सिरोही पर आक्रमण किया, तब सिरोही की सेना ने रेबारियों की मदद से सुल्तान को हरा दिया। सुल्तान के ईश्वरीय प्रकोप से कुष्ठरोग हो गया, जो भगवान शंकर के शुक्ल तीर्थ के जल से स्नान करने पर ठीक हुआ। तब सुल्तान ने हार मानी और लुटा हुआ धन भगवान को अर्पित करके चला गया, जिससे मंदिर के परकोटे का निर्माण हुआ। रेबारियों के योगदान को सम्मानित करते हुए महाराव ने देवझूलनी एकादशी को मंदिर का वार्षिकोत्सव स्थापित किया व एक दिन के लिए सिरोही राज्य का प्रभार रेबारियों को सौंपा। यह परंपरा आज भी चली आ रही हैं। यह मेला रेबारी जाति का सबसे बड़ा मेला है। सभी सरकारी परीक्षा की तैयारी के लिए @dishariapp गूगल प्ले स्टोर से डाऊनलोड करे। #saraneshvar #shivmandir #alauddhinkhilji #khilji #sirohi #mountabu #rebari #rajasthangk #templeofrajasthan #rajasthantourism #fairsofrajasthan #currentgkrajasthan #indiagk #dishariapp #rajasthanknowledge #aryasthan #rajasthaniculture (at Mount Abu) https://www.instagram.com/p/BndaK_7ghog/?utm_source=ig_tumblr_share&igshid=idsifwdurna9





