पागल , झक्की, सनकी या फिर कहें सौदाई। जी हाँ आज हम रोती,बिलखती लड़कियों को अपनी कहानियों का हिस्सा कभी ना बनाने वाली उर्दू की मशहूर शायरा इस्मत चुग़ताई की कहानी ‘सौदाई ’ की बात करेंगे।सौदाई को कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है। ‘सौदाई’ का हिंदी अनुवादन शकील सिद्द्की ने किया है। इस्मत चुग़ताई की कहानियों ने हमेशा समाज को आईना दिखाने का काम…

















