🍁🆁🅴🅰🅳 🅲🅰🅿🆃🅸🅾🅽 🍁 और क्या इसके सिवा हो जाना है, हद से हद, तू ने ख़फा हो जाना है। खुश्क पत्ते दर-ब-दर हो जाएंगे, पेड़ ने तो फिर हरा हो जाना है। आइना देखो न तुम यूं बार-बार, वरना इसने सरफिरा हो जाना है खुश्बुओं से दोस्ती गर कर लिये, तितलियों में दबदबा हो जाना है माँग कर पहनी हुई दस्तार से, हम'ने कितना ही बड़ा हो जाना है ~ शिवांश पाराशर "राही" @poet_shivanshparashar__raahi . . 🍁 SAVE & SHARE 🍁 . "अपनी रचना हमारे पन्ने पर प्रकाशित करने लिए बायों में दिए गए फॉर्म को भरे।"🍂 . . शब्द रेखा व्हाट्सएप समूह से जुडने के लिए DM करे।🌼 . . ऐसी ही रचनाओं (पंक्तियों, कविताओं) को पढ़ने के लिए हमें फ़ॉलो करे।✨ @shabdrekhacommunity @arya_ke_lafz @shabdrekha . . . ______________________________________________ #shabdrekha #jaunelia #hindikavita #kavita #kavitayein (at Delhi - NCR) https://www.instagram.com/p/Cli4M7nJKzl/?igshid=NGJjMDIxMWI=










