इस दिन है शीतला सप्तमी या अष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
चैतन्य भारत न्यूज होली के सातवें या आठवें दिन शीतला सप्तमी या शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन शीतला माता की पूजा की जाती है और ठंडा भोजन किया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और गुजरात में मनाया जाता है। उत्तर भारत में शीतला सप्तमी/अष्टमी को बसौड़ा, लसौड़ा या बसियौरा भी कहा जाता है। इस साल शीतला सप्तमी 15 मार्च और शीतला अष्टमी 16 मार्च को पड़ रही है। शीतला सप्तमी/अष्टमी पर सुहागिन महिलाएं शीतला माता की पूजा कर अपने परिवार की सुख शांति की कामना करती हैं। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({}); शीतला सप्तमी का शुभ मुहूर्त शीतला सप्तमी 2020 तिथि 15 मार्च शीतला सप्तमी पूजा मुहूर्त - सुबह 6:31 मिनट से शाम 6:30 मिनट तक सप्तमी तिथि प्रारम्भ और समाप्त - सुबह 4 :25 मिनट से प्रारम्भ होकर अगले दिन सुबह 03:19 मिनट तक (16 मार्च 2020) शीतला अष्टमी का शुभ मुहूर्त शीतला अष्टमी 2020 तिथि 16 मार्च शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त - अष्टमी तिथि प्रारम्भ और समाप्त - 16 मार्च को सुबह 03:19 बजे से प्रारम्भ होकर 17 मार्च को सुबह 02:59 बजे तक कैसे की जाती है शीतला सप्तमी/अष्टमी की पूजा शीतला माता की पूजा सूर्योदय से पहले होती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान किया जाता है। फिर शीतला माता के मंदिर में जाकर देवी को ठंडा जल अर्पित कर उनकी विधि-विधान से पूजा की जाती है। देवी को श्रीफल (नारियल) अर्पित करते हैं और एक दिन पूर्व पानी में भिगोई हुई चने की दाल चढ़ाई जाती है। शीतला माता को ठन्डे भोजन का नैवेद्य लगता है इसलिए भोजन एक दिन पहले ही बनाकर रख लिया जाता है। मंदिर में शीतला माता की पूजा कर उनकी कथा सुनने के बाद घर आकर मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों ओर हल्दी से हाथ के पांच पांच छापे लगाए जाते हैं। शीतला माता को जो जल अर्पित किया जाता है उसमें से थोड़ा-सा बचाकर उसे पूरे घर में छींट देते हैं। ऐसा करने से देवी की कृपा हमेशा बनी रहती है। शीतला सप्तमी/अष्टमी के दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है। इस दिन लोग खाने में भी एक दिन पूर्व बना हुआ ठंडा भोजन करते हैं। ये भी पढ़े... होली-चैत्र नवरात्रि समेत मार्च में मनाएंगे जाएंगे ये बड़े तीज- त्योहार, यहां देखें पूरी लिस्ट पाना चाहते हैं माता लक्ष्मी की कृपा, तो शुक्रवार को इस विधि से करें पूजा-अर्चना सुख, शांति और समृद्धि के लिए शुक्रवार को ऐसे करें मां संतोषी की पूजा शुक्रवार की शाम इस तरह करें माता लक्ष्मी की पूजा, दूर होगी धन से जुड़ी समस्या Read the full article










