2:13 AM एक अलग ही दुनिया होती है
सब सो रहे होते हैं… पर दिमाग जाग रहा होता है।
दिन भर जिन बातों को ignore किया, वो रात में लाइन लगाकर सामने आ जाती हैं।
हर “क्या होता अगर…” हर अधूरी बात… हर unsent message…
कमरा वही होता है, पर एहसास बदल जाता है।
घड़ी की टिक-टिक भी ज्यादा तेज लगती है… और खामोशी, थोड़ी भारी।
यही वो time है जब तुम सबसे honest होते हो खुद से भी।
पर सुबह होते ही, ये सारी बातें फिर से छुप जाती हैं… जैसे कुछ हुआ ही नहीं।












