सियाराम बाबा - Siyaram Baba
भक्तमाल: सियाराम बाबा - Siyaram Baba की पुण्यतिथि पर शत शत नमन 📲 https://www.bhaktibharat.com/bhakt/siyaram-baba
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संत श्री सियाराम बाबा जी के चरणों में शत-शत नमन 💐🙏 . . - संत सियाराम बाबा 110 वर्ष की आयु में मोक्षदा एकादशी के अवसर पर ब्रह्मलीन हो गए। - संत सियाराम बाबा 1933 से नर्मदा किनारे रहकर तपस्या कर रहे थे। - संत सियाराम बाबा ने 10 साल तक खड़े रहकर मौन तपस्या की थी। - मौन व्रत तोड़ने के बाद पहली बार संत सियाराम बाबा के श्रीमुख से सियाराम का उच्चारण हुआ था। तभी से लोग उन्हें संत सियाराम बाबा के नाम से पुकारने लगे। - संत सियाराम बाबा 70 साल से रोजाना 21 घंटे रामचरित मानस का पाठ कर रहे थे। - संत सियाराम बाबा अपने शिष्यों से केवल 10 रुपये की भेंट ही लेते थे। - यदि कोई भक्त उनको 500 रुपये देता तो वह 10 रुपये रखकर उनको 490 रुपये लौटा देते थे। - बाबा ने आश्रम के प्रभावित डूब क्षेत्र हिस्से के मिले मुआवजे के दो करोड़ 58 लाख रुपये क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान नागलवाड़ी मंदिर में दान किए थे। - संत सियाराम बाबा ने 20 लाख रुपये व चांदी का छत्र जाम घाट स्थित पार्वती माता मंदिर में दान किया। - आश्रम से नर्मदा तक एक करोड़ रुपये की लागत से घाट बनवाया था। - संत सियाराम बाबा ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण में भी 2 लाख रुपए भेंट किए थे। - संत सियाराम बाबा सर्दी, गर्मी हो या बरसात वे लंगोट के अलावा कोई कपड़े नहीं पहनते थे। - आश्रम पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्वयं के हाथों से बनी चाय प्रसादी के रूप में वितरित करते थे। - बाबा के लिए गांव के 5-6 घरों से भोजन आता था। - बाबा उसमें से थोड़़ा सा भोजन रखकर शेष पशु-पक्षियों को खिलाते थे। . .