सावधान! साधना, वशीकरण और रत्नों के नाम पर लूट का धंधा: जानिए ढोंगी पाखंडियों का कड़वा सच !
आज के जमाने में ऐसे लोग हैं, जिन्हें बार-बार अलर्ट करने पर भी वो बदलने वाले नहीं हैं। धोखे के ऊपर धोखा खाने के बाद भी उनके मन में बार-बार वही गलती करने का विचार आता है। अब मैं यह अच्छी तरह समझ गया हूँ कि यहाँ कुछ नहीं होने वाला भाई साहब! दुनिया जैसी चल रही है, चलने दीजिए। किसी का भला करने जाओगे, तो उल्टा लात खानी पड़ती है।
पिछले २-३ दिनों के अंदर कई तांत्रिकों, ज्योतिषियों (Astrologers), साधकों, पत्रकारों और वशीकरण स्पेशलिस्टों को मेरा यह काम हजम (Digestion) नहीं हो रहा है। मेरे ब्लॉग पोस्ट पर पूरी तरह साफ-साफ अक्षरों में लिखा हुआ है कि—"यहाँ ना तो कोई साधना करने को बोला जाता है और ना ही यहाँ कोई साधना करवाई जाती है।" लेकिन इसके बावजूद, लोग सब कुछ देखने-पढ़ने के बाद भी मुझे बार-बार फोन करते हैं कि—"साधना सिखा दो, हमें साधना करनी है।" भाई! एक बात बताओ, क्या यह कोई बच्चों का खेल है? कोई भी राह चलता आकर बोलेगा कि मुझे साधना करनी है, साधना करवा दो? सीधी सी बात है, अगर मेरा यह काम आप लोगों को हजम नहीं हो रहा है, तो मेरे पीछे पड़ने से आपका कोई फायदा नहीं होने वाला।
आप लोग जिस हिसाब से अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर बड़े-बड़े दावे लिखते हो ना, वो सब मेरी नजर में है। जैसे आप लोग मेरा प्रोफाइल देखते हो, वैसे ही रिप्लाई करते वक्त मेरी नजर भी आपके प्रोफाइल पर पड़ती है। कोई तांत्रिक का प्रोफाइल बनाकर लोगों को लूट रहा है, तो कोई वशीकरण स्पेशलिस्ट, ब्लैक मैजिक रिमूवल, बगलामुखी अनुष्ठान, किया-कराया, श्मशान साधना, नजर दोष और 'लव प्रॉब्लम स्पेशलिस्ट' के नाम पर दुकान खोलकर बैठा है।
और मजे की बात देखिए, जब मैं लोगों से बोलता हूँ कि यहाँ ऐसा कुछ नहीं होता, तो वो रोते हुए बताते हैं कि—"भैया, हम वशीकरण और साधना के नाम पर २ से २.५ लाख रुपये बर्बाद कर चुके हैं, बस आपसे थोड़ी जानकारी चाहिए थी।" आज जब मैंने इन पाखंडियों के खिलाफ यह कदम उठाया है और युवा पीढ़ी को जागरूक करने की बात कही है, तो ये फेक प्रोफाइल्स वाले कहते हैं—"करो-करो जागरूक!" इसका सीधा मतलब है कि मेरा यह 'मुफ्त सेवा' (Free Service) का काम इन लुटेरों को पच नहीं रहा है। आज के समय में ऐसे कई पंडितों और तांत्रिकों के नाम सामने आ रहे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की भी जरूरत नहीं है। क्योंकि जैसा कर्म करोगे, वैसा ही भुगतना पड़ेगा। आज नहीं तो कल, ये लोग अपने ही कर्मों के जाल में फंसेंगे।
हमारे देश की युवा पीढ़ी 'चमत्कार' के पीछे भागकर इसमें फंस रही है और अंत में धोखा खा रही है। अरे भाई! सिंपल सी बात है, हम लोग सोशल मीडिया और टीवी पर रंगारंग प्रोग्राम देखकर पागल हो जाते हैं कि—"बाबा मेरा भला कर देंगे!" और इसी चक्कर में सब कुछ बर्बाद करके बैठ जाते हैं। पिछले ४-५ दिनों के अंदर मेरे पास कई लोग 'वशीकरण' के चक्कर में आए। लेकिन भाई लोग, कान खोलकर सुन लो—ना तो यहाँ वशीकरण होता है और ना ही कोई शॉर्टकट साधना। जिसे जहाँ ठीक लगता है, वहाँ जाए। मेरे यहाँ कोई भी गलत या अनैतिक काम नहीं होता।
अभी कल ही एक शादीशुदा आदमी आया था, जो अपनी सगी साली पर वशीकरण करने के लिए बोल रहा था! इससे पहले वो किसी बड़े पंडित और बगलामुखी साधक के पास जाकर लाखों का हवन करवा चुका था। जब काम नहीं हुआ और उसने पूछा, तो उस पंडित ने कह दिया—"जब बगलामुखी हवन से नहीं हुआ, तो दुनिया का कोई साधक तुम्हारा काम नहीं कर सकता।" सुन लो कान खोलकर! जब कोई साधक, पंडित या तांत्रिक ऐसे घिनौने और गंदे कामों के लिए किसी पवित्र आध्यात्मिक शक्ति या भगवान/मां के नाम (चाहे मां बगलामुखी हो, कामाख्या हो, तारा हो, लोना चमरी हो या कोई भी मातृ शक्ति) का इस्तेमाल करता है, तो वो मां कभी उसे छोड़ती नहीं है। तुम चाहे जितने पाप कर लो, तुम्हारा अंत सुनिश्चित है! अभी भी समय है, देवी-देवताओं के नाम पर लूटना बंद करो।
"२ घंटे में वशीकरण, साधना ट्रांसफर, सिद्धि ट्रांसफर, ग्रह दशा खंडन..." इन सब ढोंग के चक्कर में मेरे पागल भाई-बहनों, इन पाखंडी तांत्रिकों और ज्योतिषियों को अपना कीमती पैसा बर्बाद मत करो। आज मैं रहूँ या ना रहूँ, जितने दिन भी इस धरती पर हूँ, आप लोगों को आपकी समस्याओं का समाधान संपूर्ण रूप से बिल्कुल फ्री (Free of Cost) देने की कोशिश करूँगा। मेरे पास जो भी ज्ञान है, वो सब आप लोगों को समर्पित करके जाऊँगा।
अब आप लोग पूछेंगे कि—"भाई, आप यह सब फ्री में क्यों दे रहे हो?" बात कान खोलकर सुन लो... यह कोई आम ज्ञान नहीं है, इसे फ्री में नहीं देना चाहिए। लेकिन आज की युवा पीढ़ी इतनी भटक चुकी है और बाजार में इतने पाखंडी पंडित-तांत्रिक बैठ गए हैं, जिन्हें थोड़ा सा ज्ञान होता है, तो वो समस्या को बढ़ा-चढ़ाकर और डर दिखाकर लोगों को लूटते हैं। छोटी सी समस्या के लिए बोलेंगे—"अगर यह पूजा नहीं की या यह रत्न (Gemstone) नहीं पहना, तो अनर्थ हो जाएगा!" लोग डर के मारे इनके जाल में बुरी तरह फंस जाते हैं।
इसी वजह से हमारे पूर्वजों, साधु-संतों और 'नाथ संप्रदाय' के हमारे गुरुओं ने कठिन से कठिन तपस्या करके हमें यह ज्ञान दिया है। उन्होंने समाज की रक्षा, प्रोटेक्शन और दुखों के निवारण के लिए कई ग्रंथ, उपाय और साधनाएं बताई हैं। उन्हीं में से कुछ अचूक उपाय मैं आपकी सेवा में यहाँ बिल्कुल मुफ्त देता रहूँगा। मैं पूरी जान लगाकर भी शायद सबको खुश ना कर पाऊँ, लेकिन अगर मेरे इस ज्ञान से ०.००१% लोगों का भी भला हो गया, तो मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात होगी।
हाँ, एक बात साफ कर दूँ— अगर कोई व्यक्तिगत रूप से अपनी जन्म कुंडली का गहरा विश्लेषण (Deep Analysis) करवाना चाहता है, तो उसके लिए एक न्यूनतम शुल्क (Minimum Charges) रखा गया है। क्योंकि एक कुंडली को गहराई से देखने में, उसकी महादशा, अंतर्दशा, ग्रह स्थिति, गोचर, योगिनी दशा, शनि की साढ़ेसाती, ग्रहीय युति (Conjunction), राजयोग, D7 और D9 चार्ट का एनालिसिस करने में कम से कम ४ से ५ घंटे का समय लगता है। और जो दक्षिणा आप लोग देते हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा सोशल वर्क (सामाजिक कार्यों) में लगता है और जो बचता है, उसी से मेरा जीवन चलता है। यह पूरी सत्यता है जो मैंने आपके सामने रख दी।
मेरे भाई-बहनों! इस दुनिया में कोई भी ज्योतिषी, पंडित या तांत्रिक आपका भाग्य नहीं बदल सकता। ना किसी ज्योतिषी का दिया हुआ पत्थर (Gemstone) और ना किसी पंडित की पूजा आपका लक बदल सकती है। ना ही कोई बाबा वशीकरण करके आपकी समस्या सुलझा सकता है। ये सब सिर्फ और सिर्फ धंधा यानी लूटने का बिजनेस खोलकर बैठे हैं।
आज आप किसी तथाकथित बड़े एस्ट्रोलॉजर के पास जाओ, मिनिमम ७,००० से ८,००० रुपये सिर्फ कुंडली देखने की फीस है। मैं खुद ओडिशा की बात कर रहा हूँ—पिछले ३-४ साल पहले मैं खुद पैसे देकर आया हूँ, जहाँ एक एस्ट्रोलॉजर ने सिर्फ १०-१५ मिनट अपने टैब (Tablet) पर कुंडली देखकर बताने के लिए भारी चार्ज लिया था। ओडिशा से बाहर दिल्ली-मुंबई की तो बात ही छोड़ दीजिए, वहाँ तो फीस इससे कहीं ज्यादा है। ट्विटर और यूट्यूब पर आने वाले ज्योतिषी तो १५,००० से २०,००० रुपये से कम में बात तक नहीं करते।
अब एक बात बताओ, क्या सिर्फ अमीर लोग ही ज्योतिष के पास जाएंगे? जिसके पास पैसा नहीं है, क्या वो अपनी कुंडली नहीं दिखा सकता? ऊपर से ये लोग इतना डर दिखाते हैं और नकली सर्टिफिकेट के साथ १५-२० रुपये के रत्न को हजारों रुपये में बेचकर अपनी जेबें गर्म करते हैं। इसका फायदा सिर्फ उन पाखंडियों को मिलता है और आम जनता मारी जाती है।
इसी वजह से आज आम जनता के मन में यह बात बैठ गई है कि ना तो कोई सही ज्योतिष है और ना ही तंत्र-मंत्र। पूरी व्यवस्था इन फ्रॉड्स के कारण बदनाम हो चुकी है।
अरे भाई! क्या हम हमारे पूर्वजों और साधु-संतों द्वारा दिए गए मंत्रों और उपायों से खुद अपनी जिंदगी नहीं बदल सकते? तो फिर इन ढोंगियों के चक्कर में अपना कीमती समय और पैसा क्यों बर्बाद करना? सीधा सा लॉजिक है—जिस भगवान ने हमें इस धरती पर जन्म दिया है, क्या उसने हमारे दिमाग में इतना ज्ञान नहीं दिया?
गलती हमारी सोच में है। हम सोचते हैं कि वो 'सिद्धि प्राप्त' बाबा या ज्योतिषी हमारा काम कर देगा। जिस दिन यह बहम अपने दिमाग से निकाल दोगे, उसी दिन आपका भला होना शुरू हो जाएगा। वो भी एक इंसान हैं, हम भी एक इंसान हैं। बस सोच बदलो भाई!
खुद कर्म करो और खुद अपना भाग्य लिखो। तुम्हारे लिए कोई कुछ नहीं कर पाएगा, जो करना है खुद को करना है। हमारी समस्या है, तो समाधान भी हमें ही करना होगा!
धन्यवाद। 🙏












