Pradosh Ashtakam | Pradosh Vrat | Pradosh Strotram | Ashtakam | Pradosh Mahamantra
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Kanakadhara Strotam, कनकधारा स्त्रोतम by Pandit Pradeep Pandey 9871030464
Kanakadhara Strotam, कनकधारा स्त्रोतम by Pandit Pradeep Pandey 9871030464
#कनक धारा स्त्रोतम श्रद्धा विश्वास पूर्वक #पाठ अनुष्ठान से #ऋण मुक्ति और #लक्ष्मी प्राप्ति होती है | कहा जाता है की #आचार्य श्री #शंकर ने इसका पाठ करके #स्वर्ण वर्षा कराई थी| मैंने कनक #धारा स्त्रोतम का पाठ करके उसको #यूट्यूब पर डाल दिया आप भी सुने कोई गलती हो तो #क्षमा प्रार्थी हूँ कनक धारा #स्त्रोतम का पाठ करने या सुनने से लक्ष्मी की प्राप्ति, ऋण की #मुक्ति और धन की #बृद्धि होती है आप भी पढ़े और सुने |
जय माता दी https://www.dharmikshakti.in/onlinepandit
Ganesh Strotra गणपति स्तुति
ॐ
सरागिलोकदुर्लभं विरागिलोकपूजितं सुरासुरैर्नमस्कृतं जरापमृत्युनाशकम् ।
गिरा गुरुं श्रिया हरिं जयन्ति यत्पदार्चकाः नमामि तं गणाधिपं कृपापयः पयोनिधिम् ॥ १॥
गिरीन्द्रजामुखाम्बुज प्रमोददान भास्करं करीन्द्रवक्त्रमानताघसङ्घवारणोद्यतम् ।
सरीसृपेश बद्धकुक्षिमाश्रयामि सन्ततं शरीरकान्ति निर्जिताब्जबन्धुबालसन्ततिम् ॥ २॥
शुकादिमौनिवन्दितं गकारवाच्यमक्षरं प्रकाममिष्टदायिनं सकामनम्रपङ्क्तये ।
चकासतं चतुर्भुजैः विकासिपद्मपूजितं प्रकाशितात्मतत्वकं नमाम्यहं गणाधिपम् ॥ ३॥
नराधिपत्वदायकं स्वरादिलोकनायकं ज्वरादिरोगवारकं निराकृतासुरव्रजम् ।
कराम्बुजोल्लसत्सृणिं विकारशून्यमानसैः हृदासदाविभावितं मुदा नमामि विघ्नपम् ॥ ४॥
श्रमापनोदनक्षमं समाहितान्तरात्मनां सुमादिभिः सदार्चितं क्षमानिधिं गणाधिपम् ।
रमाधवादिपूजितं यमान्तकात्मसम्भवं शमादिषड्गुणप्रदं नमामि तं विभूतये ॥ ५॥
गणाधिपस्य पञ्चकं नृणामभीष्टदायकं प्रणामपूर्वकं जनाः पठन्ति ये मुदायुताः ।
भवन्ति ते विदां पुरः प्रगीतवैभवाजवात् चिरायुषोऽधिकः श्रियस्सुसूनवो न संशयः ॥ ६॥
इति