सेवा, साधना, साधन व साध्य के पथ की बाधाओं व भ्रान्तियों का निवारण
पतंजलि योगपीठ संस्था एवं पतंजलि संगठन के राष्ट्र व विश्वव्यापी विस्तार, गौरवपूर्ण योगदान, यश व दिव्य वैभव को देखकर करोड़ों देशवासियों को आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की अनुभूति होती है। साथ ही एक दिव्य प्रेरणा भी मिलती है कि जब एक अकिंचन संन्यासी एवं आचार्य बिना किसी स्वार्थ के साधना, सेवा एवं साध्य के प्रति अपने दिव्य संकल्प के बल पर शून्य से प्रारम्भ करके इतना बड़ा दिव्य विश्वव्यापी सेवा कार्य कर सकते हैं तो हममें भी बहुत कुछ करने की शक्ति है और हम भी देश, धर्म, संस्कृति, मानवता, राष्ट्र व विश्व के लिए कुछ बड़ा करें, तभी भारत विश्वगुरु, विश्व की आर्थिक, आध्यात्मिक एवं राजनैतिक महाशक्ति परम वैभवशाली बनेगा। बड़े कार्यों के सन्दर्भ में बहुत सी कुण्ठाएँ या भ्रान्तियाँ भी हमारे मन में होती हैं, हम उनको भी निर्मूल करना चाहते हैं।
पतंजलि योगपीठ संस्था एवं पतंजलि संगठन के राष्ट्र व विश्वव्यापी विस्तार, गौरवपूर्ण योगदान, यश व दिव्य वैभव को देखकर करोड़ों देशवासियों को आत्












