झूला
यह बेंत का बना झूला करीब डेढ़ दशक पुराना है। बरेली से खरीदा हुआ। उस समय मैं इज़्ज़त नगर गया था रेलवे की ड्यूटी पर और वहीं से खरीद कर साथ लेता आया था। इसकी कड़ी गोरखपुर के रेलवे स्टाफ ने कहीं से अरेंज कर दी। उसके बाद यह हमारे ड्राइंग रूम या बरामदे का अभिन्न अंग बन गया। रिटायरमेंट के बाद यह गांव के इस घर का अंग बन गया है।
झूला
सोचने की प्रक्रिया को यह उत्प्रेरित करता है। इसपर बैठ कर धीरे…
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