मंगल अपनी ही राशि में सबसे शुभ और शक्तिशाली स्थान में होता है, जो जीवन भर सकारात्मक परिणाम देने में सक्षम होता है।
जन्म कुंडली में मंगल का स्वराशि में/Mangal ki apni rashi होना अनुकूल होता है। यहां दो बातें विशेष असर डालेंगे कि मंगल अपनी किस राशि में बैठा है क्योंकि ऎसे में मंगल के फल व्यक्ति पर अपना अलग-अलग असर डालने वाले होंगे। मंगल का अपनी ही राशि में/Mangal ki apni rashi होना कारक तत्वों में वृद्धि करने वाला होता है। ज्योतिष अनुसार जब कोई ग्रह अपने स्वामित्व वाली राशि में होता है तो उस ग्रह के गुण बढ़ जाते हैं।














