शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है?(Why and when do celebrate Martyrs'Day?)
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क्या आपको पता है,शहीद दिवस क्यों मनाते हैं? क्या आपने कभी सोचा इसके बारे में। अगर नहीं तो इस लेख को पूरा पढ़ें। हम लेख मे जानेंगे कि , शहीद दिवस क्यों और कब मनाया जाता है। चलिए तो अब हम शहीद दिवस के बारे में पूरी जानकारी आपको देते हैं। शहीद दिवस को अंग्रेजी में Martyrs' day बोला जाता है शहीद दिवस हम अपने उन शहीदों को श्रद्धांजलि प्रदान करते हैं जो अपने देश के हिफाजत के लिए अपने जान गवा बैठे हैं, या वह अपने देश के लिए शहीद हो गए। शहीद दिवस के दिन शिक्षा केंद्र जैसे स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय हाथी में उस दिन राष्ट्रीय गान बजाया जाता है और 1-2 मिनट तक मौन धारण करके अपने शहीदों को याद करते हैं। देखा जाए तो हमारे शहीद हमारे देश के लिए जो कि वह बेहद काबिले तारीफ है क्योंकि उन्हीं के वजह से हम चैन की नींद सो पाते हैं। इसलिए हम सब भारतीयों के लिए शहीद दिवस बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होता है ,और शहीद दिवस को हम सब भारतीय को शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहिए और उन शहीदों के कुछ गुण को भी अपने अंदर लाना चाहिए।
शहीद दिवस क्या है?(What is Martyrs' day?)
हर साल हम शहीद दिवस में अपने बहादुर शहीदों अपने देश के लिए अपनी जान बलिदान कर दिए हैं, उसम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। क्या आपको पता है कि भारत में शहीद दिवस अलग-अलग दिनों में मनाया जाता है लेकिन मुख्य रूप से दो तिथियां देशभर में अधिक जानी जाती है और मनाई जाती है।
15 देश में से भारत एक ऐसा देश है, जो हर साल शहीद दिवस मनाता है। इसका कारण यह है, कि हम अपने शहीद बहादुर नेताओं और सैनिकों को भूल नहीं सकते हैं जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई और हमारे देश को आजाद किए ब्रिटिश के चंगुल से। इसलिए भारत अपने शहीद और बहादुर नेताओं और सैनिकों को श्रद्धांजलि प्रदान करने के लिए शहीद दिवस को मनाता है
शहीद दिवस कब कब मनाते हैं
पहला शहीद दिवस , पूरे भारत में 30 जनवरी को बनाया जाता है जबकि दूसरे शहीद दिवस 23 मार्च को बनाया जाता है।
दोनों के अलग-अलग कारण है की एक शहीद दिवस 30 जनवरी को और दूसरा 23 मार्च को मनाया जाता है यह तो हम एक-एक करके दोनों दिनांक के बारे में जानते हैं
30 जनवरी को महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं ,और स्वतंत्रता नेताओं के लिए मनाया जाता है जिन्होंने देश की आजादी के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और अपनी जान बलिदान कर दिए
23 मार्च को शहीद दिवस हमारे 3 राष्ट्र के नेताओं के लिए मनाया जाता है भगत सिंह , शिवराम गुरुजी , सुखदेव थापर।
एक-एक करके दोनों के बारे में हम विस्तार से जानते हैं। 30 जनवरी को शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रपिता गांधी जी की हत्या 30 जनवरी 1948 को उसी शाम प्रार्थना के दौरान नाथूराम गोडसे नहीं की थी। गांधीजी एक स्वतंत्र सेनानी विशाल दृढ़ संकल्प वाले एक सरल व्यक्ति और एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता में बहुत सारे बलिदान दिए हैं।
नाथूराम गोडसे गांधी जी को पकड़ कर अपने अपराध को सही ठहराने की कोशिश कर रहे था और कह रहे थे कि वह देश के विभाजन और सग्राम हजारों लोगों की हत्या के जिम्मेदार हैंऔर उन्होंने आखिरी वक्त में महात्मा गांधी को ढोंगी कहा और किसी भी तरह अपने अपराध के लिए दोषी नहीं माने।और 8 नवंबर को गोडसे की मौत की सजा सुनाई गई इसलिए इस दिन यानी 30 जनवरी को बापू के अंतिम सांस ली और शहीद हो गए भारत सरकार ने इस दिन को शहीद दिवस के रूप में घोषित कर दिया। 23 मार्च को शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है? मार्च को भारत के तीन नायक नेताओं को फांसी में लटका दिया गया था जो कि एक भगत सिंह शिवराम गुरुजी और सुखदेव थापर थेतुमने कोई शक नहीं कि उन्होंने हमारे राष्ट्र के खलियान के लिए अपने जीवन के बलिदान कर दिए । हम सब की उम्र कम थी और वह सब एक ऐसे नेता बन गए थे जिससे कि अंग्रेजों को डर था कि उन्हें भारत कहीं छोड़ना ना पड़ जाए । वे तीनों भारत के बहादुर क्रांतिकारी थे और उन्होंने देश के लिए बहुत सारे योगदान दिए और अंतिम में अपनी जान गवा बैठे।
भगत सिंह और उनके साथियों के बारे में कुछ जानकारी
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1960 में पंजाब के लाइव पुर मेंहुआ में हुआ था । भगत सिंह ने अपने साथ ही राजगुरु सुखदेव आजाद और गोपाल के साथ मिलकर लाला लाजपत राय की हत्या के लिए लड़ाई लड़े और देश के लिए बहादुर नेता के रूप में बन गए।उन्होंने 8 अप्रैल 1929 को अपने साथियों के साथ इंकलाब जिंदाबाद के नारे को पढ़कर केंद्रीय विधानसभा पर बम फेंके और इनके लिए उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाया गया, और 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में फांसी दे दी गई।
यही सब कारणों से 23 मार्च को स्वतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है
पूरे देश में शहीद दिवस कैसे मनाते हैं
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री 30 जनवरी को महात्मा गांधी समाधि राजघाट महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूलों की माला पहनाकर सम्मान पाने के लिए एकत्र होते हैं शहीद के सामने सशस्त्र बल के जवानों और अंतर सेवा दुखियों द्वारा सामान्य जनक साल्मी भी क जाती है
देशभर में राष्ट्रपति बापू और अन्य शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन किया जाता है भारत तरह शहीद दिवस मनाया जाता है।
मुझे उम्मीद है कि आप को मेरे याह लेख स शहीद दिवस क्यों मनाते हैं ज्यादा से ज्यादा पसंद आया होगा और मेरी कोशिश रहेगी कि आप लोगों को ऐसी ऐसी जानकारी देते रहू। कमेंट करके बताएं लेख कैसा लगा।
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